राजस्थान में साइबर अपराध की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन कई जिलों में पुलिस इन मामलों के निस्तारण में पीछे है। जनवरी से अगस्त 2026 तक हर महीने सबसे कम निस्तारण दर वाले 10 जिलों को देखें तो 23,227 शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि 1,724 मामलों का ही निस्तारण हो सका। इनकी औसत निस्तारण दर 7.42 फीसदी रही।
पाली में जनवरी से अगस्त तक गिरती गई दर
पाली में जनवरी में साइबर शिकायतों की निस्तारण दर 10.49 फीसदी थी। अगस्त तक यह घटकर 1.72 फीसदी रह गई। जयपुर सिटी दक्षिण में भी शिकायतों की संख्या बढ़ी, लेकिन निस्तारण कम हुआ।
अप्रैल में जयपुर सिटी दक्षिण में 760 शिकायतें दर्ज हुई थीं और 83 का निस्तारण किया गया था। उस महीने दर 10.92 फीसदी थी। अगस्त तक शिकायतों की संख्या बढ़कर 918 हो गई, लेकिन निस्तारण सिर्फ 20 मामलों का हुआ।
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संदिग्ध खातों पर बैंक निगरानी जरूरी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में बैंकों की भूमिका भी अहम है। संदिग्ध खातों और लेनदेन की पहचान समय पर हो जाए तो ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन को ट्रैक करना और आगे होने वाले नुकसान को रोकना आसान हो सकता है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने कहा कि पहले संसाधनों की कमी के कारण निस्तारण कम रहा। अब संसाधन बढ़ाए गए हैं और पुलिस ज्यादा मामलों को निपटाने पर काम कर रही है। उनके मुताबिक, शिकायतें बढ़ रही हैं और बेहतर समन्वय से मामलों के निस्तारण में मदद मिल रही है।