हरियाणा: राजस्थान के कांग्रेस विधायक इंदर राज गुर्जर, पीआर मीणा, जीआर खटाना और हरीश मीणा मानेसर के एक होटल में हैं। ये वीडियो सचिन पायलट के ऑफिस की तरफ से जारी किया गया है।
उनकी (सचिन पायलट) शिकायत जायज हो सकती है, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि अगर आप अपनी ही पार्टी की सरकार को गिराना चाहते हैं तो ये गलत है। मैं गुजारिश करता हूं कि वो नियमों का पालन करें :सिंघवी
मुझे लगता है कि सचिन पायलट योग्य, प्रभावी और प्रतिभा के धनी लोगों में से एक हैं। वह एक दोस्त भी हैं। हम पार्टी में उनका महत्व समझते हैं। उन्हें सामने आकर अपनी शिकायत रखनी चाहिए, फ्लोर खुला है। सभी लोग उन्हें सुनने को तैयार हैं: अभिषेक मनु सिंघवी
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई थी। पायलट इस बैठक में नहीं पहुंचे। पार्टी नेताओं का कहना है कि 109 विधायक वहां मौजूद थे। गहलोत के खिलाफ बागी तेवर अपनाये पायलट रविवार शाम यह दावा कर चुके हैं कि उनके साथ 30 से अधिक विधायक हैं और गहलोत सरकार अल्पमत में है। विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस के विधायकों को बसों से फेयरमॉन्ट होटल में ले जाया गया। इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि राजस्थान का सियासी घमासान अभी थमा नहीं है।
राजस्थान में चल रही सियासी उठापटक को भाजपा ने कांग्रेस का अंदरुनी मसला बताने के साथ-साथ सोमवार को यह भी कहा कि विधायकों की गिनती के लिए सड़क, रेजॉर्ट या होटल नहीं बल्कि विधानसभा उपयुक्त स्थान है। इसी बीच, पार्टी के राजस्थान इकाई के प्रमुख ने कहा कि उनके समक्ष सभी विकल्प खुले हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान के प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने राजस्थान के घटनाक्रम पर कहा कि कांग्रेस का ही एक गुट दावा कर रहा है कि सरकार अल्पमत में है जबकि दूसरा गुट बहुमत होने का दावा कर रहा है। इनका ही एक गुट कह रहा है कि सरकार के पास बहुमत नहीं है। हमने तो कुछ नहीं कहा। ये इनकी पार्टी का मसला है। वे इसे सुलझाएं।
भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायकों के मुद्दे पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव चेतन दुदी ने कहा, उनके दोनों विधायक हमारे साथ हैं। दोनों विधायक कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं। वे कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मौजूद थे और रहेंगे।
हमने विधायकों से कहा है कि आकर चर्चा करें कि किस तरह राजस्थान और यहां की 8 करोड़ जनता की सेवा की जा सके। अगर कुछ मतभेद हैं तो खुलकर इसे व्यक्त करें। सोनिया गांधी और राहुल गांधी सभी की बात सुनने को तैयार हैं: सुरजेवाला
मौजूदा सियासी स्थिति पर चर्चा करने के लिए कल सुबह 10 बजे फिर कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। हमने सचिन पायलट सहित सभी विधायकों से आने को कहा है। हम उन्हें लिखित में भी सूचना देंगे। हमने उन्हें यहां आकर स्थिति पर चर्चा करने को कहा है: सुरजेवाला
रणदीप सुरजेवाला ने कहा, राजस्थान की कांग्रेस सरकार के पास 109 विधायक हैं, हमारे सभी विधायकों ने समर्थन पत्र दिया है। इन्होंने भाजपा का प्रयास नाकाम कर दिया है।
राजस्थान कांग्रेस विधायक दानिश अबरार ने कहा, कोई नंबर गेम नहीं है, सरकार के पास पूरा बहुमत है। हमारे पास 109 विधायक हैं।
राजस्थान में चल रही सियासी उठापठक के बीच सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रति समर्थन प्रकट किया गया और फिर विधायकों को जयपुर के एक होटल में ले जाया गया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ खुलकर बगावत कर चुके उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को मनाने की कोशिशें की जा रही हैं और इसी क्रम में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उनके संपर्क में हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी। पायलट ने रविवार को गहलोत के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल लिया था और दावा किया था कि उनके पास 30 से अधिक विधायकों का समर्थन है और अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में आ चुकी है।
राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार लोगों का भरोसा खो चुकी है और इसे जाना चाहिए। सचिन पायलट को समर्थन देने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हमारे सभी विकल्प खुले हैं और मौजूदा सियासी हालात व आलाकमान के निर्देश पर काम करेंगे।
सीएम गहलोत के आवास पर बैठक के बाद जयपुर के होटल फेयरमोंट पहुंचे कांग्रेस विधायक। मदन प्रजापत, अमित चचन, गणेश घोगरा व अन्य विधायक यहां नजर आए।
अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा, अशोक गहलोत के पास बहुमत नहीं है। गहलोत विधायकों को होटल में छिपा रहे हैं। उन्हें फ्लोर टेस्ट करना होगा। बहुमत साबित करना होगा, राजस्थान को ड्रामा से बचाना होगा और गवर्नेंस को आगे बढ़ाना होगा। मगर गहलोत अपने विधायकों को एक रिजॉर्ट में भेज रहे हैं, तो जाहिर है कि उनके पास संख्या नहीं है।
राजस्थान में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सोमवार को विश्वास जताया कि उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने पायलट को 'सच्चा कांग्रेसी' बताया।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 107 विधायक मौजूद हैं। मुख्यमंत्री गहलोत के मीडिया सलाहकार ने इस बात की पुष्टि की।
प्रियंका गांधी वाड्रा राजस्थान विवाद में मध्यस्थता करवा रही हैं। प्रियंका ने अशोक गहलोत और सचिन पायलट से बात की है। इससे पहले राहुल ने बात करके मनाने की कोशिश की थी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस नेताओं और पार्टी विधायक जयपुर में मुख्यमंत्री के आवास पर इकट्ठा हुए और उन्होंने जीत का संकेत दिया।
कांग्रेस के पास अपने 107 विधायक हैं और 13 निर्दलीय सहयोग कर रहे हैं। जबकि भाजपा के अपने 72 और 8 सहयोगी हैं। 200 विधायकों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 101 विधायक चाहिए। 107 वाली कांग्रेस से 35 विधायक अगर इस्तीफा देते हैं तो 72 रह जाएंगे 13 निर्दलीय मिलकर यह संख्या 85 हो जाएगी। कांग्रेस से असंबद्ध किए गए तीन विधायकों को अलग कर दें तो आंकड़ा 82 होता है। भाजपा के सहयोगी समेत 80 हैं तीन और जोड़ दें तो 83 होंगे।
राजस्थान मंत्री प्रताप सिंह ने कहा, 'केंद्र में भाजपा सरकार के अंत की शुरुआत राजस्थान से शुरू होगी। राजस्थान के लोग चाहते हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में सरकार अपना कार्यकाल पूरा करे। कल रात 115 विधायक हमारे साथ थे, अब 109 हमारे साथ हैं। हम संख्याबल जीत रहे हैं।'
जहां बर्तन होते हैं वहां खटकते भी हैं। जहां बर्तन नहीं होते हैं वहं खटकते भी नहीं है। ये हमारे हरियाणा और राजस्थान की कहावत है। आप परिवार के साथ बैठकर बात कीजिए। परिवार में कोई परेशानी होती है तो मां-बाप, ताऊ-चाचा के साथ बैठकर बात की जानी चाहिए। पिछली बार भी हमने बैठकर समस्याओं का समाधान निकाला था। अगर आप परिवार से अलग हटकर जाएंगे तो इससे परिवार को नुकसान पहुंचेगा। कांग्रेस की पार्टी राजस्थान में स्थिर है। कांग्रेस नेतृत्व ने 48 घंटे में कई बार पायलट से बात की है। एक बात मैं बता दूं कि हम राजस्थान में पूरे पांच का कार्यकाल पूरा करेंगे। भाजपा कितने भी हथकंडे निभाए। ईडी, सीबीआई और आयकर के जरिए वह लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को नहीं गिरा पाएगी।
सभी विधायकों के लिए दरवाजे खुले हैं, खुले रहेंगे। सोनिया-राहुल गांधी से बात कीजिए। व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा के लिए कांग्रेस पार्टी को अस्थिर करना गलत है। सभी विधायक विधायक दल की बैठक में शामिल हों। पार्टी फोरम में अपनी बात रखें, न की पार्टी के बाहर। भाजपा सीबीआई, आयकर, ईडी के जरिए लोकतंत्र की हत्या करती है। कल देर रात और आज सुबह से भाजपा के ये तीन अग्रिम विभाग दुर्भावना के लिए उतर आए हैं। भाजपा सरकार ने कांग्रेस के पदाधिकारियों पर छापेमारी शुरू करवा रखी है। पैसों के बल पर वे कांग्रेस के विधायकों की निष्ठा नहीं खरीद पा रहे थे इसलिए आयकर विभाग को भेज दिया। हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। राजस्थान की बहादुर धरती उनके हर षड्यंत्र को विफल करने वाली है।
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का अलग राजनीतिक विमान तभी उड़ान भरेगा जब उनके साथ 28 विधायक भी सवार हों। राज्य में गहलोत की सरकार को गिराकर नई सरकार बनाने के लिए जो अंक गणित चाहिए होगा उतनी संख्या भाजपा के पास नहीं है। कांग्रेस अल्पमत में लाने के लिए कम से कम 35 विधायकों को इस्तीफा देना होगा।
राजस्थान में हर पांच वर्ष के बाद सरकार बदलने की परंपरा सी है। ऐसे में अगली सरकार भाजपा की होगी। प्रदेश अध्यक्ष रहते सचिन पायलट ने सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। राहुल ने मुख्यमंत्री बनाने का वादा तो किया था, पर पूरा नहीं किया।
यह भी पढ़ें- राजस्थान: 28 विधायकों पर ही उड़ेगा पायलट का प्लेन, ये है पूरा अंक गणित
दक्षिण हरियाणा स्थित गुरुग्राम के आईटीसी ग्रैंड भारत होटल में राजस्थान कांग्रेस के बागी विधायक मनोरंजन नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा वे इकट्ठा होकर न बात कर पा रहे हैं और न ही खाना खा पा रहे हैं। होटल प्रबंधन ने कोरोना महामारी से बचाव के उपायों के मद्देनजर कई सुविधाओं में कटौती कर रखी है और कई नियमों का कड़ाई से पालन कर रहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पूनिया अपने पूर्ववर्ती बयान से पलट गए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, वीडियो में मुझसे सिंधिया जी के बारे में सवाल पूछा गया था और मेरा जवाब उन्हीं को लेकर था। गलती से मैंने सिंधिया की जगह सचिन पायलट का नाम ले लिया। गलती पर पछतावा है।
मुख्यमंत्री गहलोत ने रविवार की रात विधायकों और मंत्रियों की एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक के बाद दावा किया गया था कि कांग्रेस सरकार पर कोई संकट नहीं है। एक विधायक ने तो यह दावा तक किया था कि भाजपा कांग्रेस के जितने विधायक ले जाएगी कांग्रेस उससे ज्यादा विधायक भाजपा से ले आएगी।
राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा, 'राजस्थान के मुख्यमंत्री पद के लिए सचिन पायलट सही उम्मीदवार थे, लेकिन अशोक गहलोत ने पदभार संभाला, तब से पार्टी में टकराव शुरू हो गया। आज जो कुछ हो रहा है यह उसी टकराव का नतीजा है। राज्य सरकार बहुमत खो चुकी है।'
कांग्रेस की विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेने के लिए 90 से अधिक विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर पहुंच गए हैं। सूत्रों के अनुसार बैठक शुरू हो गई है।
कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी ने भी भाजपा पर सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, 'ऐसे समय में जब हम कोविड-19 से जंग लड़ रहे हैं, भाजपा सत्ता के लिए लड़ रही है। राजस्थान सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।'
कांग्रेस को थोड़ी राहत तब मिली जब दिल्ली गए विधायकों में से तीन वापस लौट आए थे। ये तीन विधायक थे रोहित बोहरा, दानिश अबरार और चेतन डूडी। पार्टी ने इन तीनों को लेकर प्रेस वार्ता भी की, जिसमें विधायकों ने कहा था कि हम कांग्रेस के सिपाही हैं और अंतिम सांस तक पार्टी के साथ रहेंगे।
पायलट की बेशक राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हुई लेकिन अपने पुराने साथी ज्योतिरादित्य सिंधिया से उन्होंने मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच हुई यह मुलाकात करीब 40 मिनट चली। इससे पहले सिंधिया ने ट्वीट कर यह भी कहा था कि कांग्रेस में योग्यता और काबिलियत के लिए कोई स्थान नहीं है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी पीएल पूनिया ने कहा, 'अब भाजपा में हैं सचिन पायलट। सभी जानते हैं कि कांग्रेस पार्टी के प्रति भाजपा का रवैया क्या। हमें भाजपा से प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस पार्टी में, सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाता है।'
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने साफ तौर पर सार्वजनिक रूप से माना कि वह राजस्थान के हालात को लेकर कांग्रेस के लिए चिंतित हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'पार्टी के लिए चिंतित हूं। क्या हम तब जागेंगे जब सबकुछ हमारे हाथ से निकल चुका होगा?'
आयकर विभाग राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र में कई स्थानों की छापेमारी कर रहा है। जयपुर, कोटा, दिल्ली और मुंबई में छापेमारी जारी है। आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि ये छापेमारी कर चोरी की शिकायत पर की जा रही हैं। आयकर विभाग ने कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौर और राज्य कांग्रेस कार्यालय के एक सदस्य राजीव अरोड़ा के कार्यालय और निवास सहित राज्य भर में कई स्थानों पर छापे मारे।
अशोक गहलोत की बैठकों से दूर विधायकों में अधिकांश मुख्यमंत्री के कामकाज के तरीके से सख्त नाराज हैं। वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से अपनी शिकायत दर्ज कराने आए हैं, लेकिन इनमें से तमाम विधायक पार्टी छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए एक थ्योरी अभी भी चल रही है कि अशोक गहलोत की स्थिति साफ होने के बाद कांग्रेस आला कमान राजस्थान में सरकार बचाने के लिए आखिरी दांव चल सकता है।
कांग्रेस का एक धड़ा अभी भी निराश नहीं है। उसे लग रहा है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सक्रिय होने के बाद सूरत बदल सकती है। यह कांग्रेस पार्टी के उन नेताओं का धड़ा है जिन्हें अशोक गहलोत के इशारे पर राजस्थान, एटीएस, राजस्थान एसओजी द्वारा सचिन पायलट समेत कई नेताओं को भेजी गई नोटिस हजम नहीं हो रही है।
भाजपा नेता ओम माथुर ने कहा, 'राजस्थान के लोगों ने कांग्रेस को राज्य में सरकार बनाने का मौका दिया था, उन्हें इसका सही इस्तेमाल करना चाहिए था। सीएम को अपनी सरकार बरकरार रखनी चाहिए थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। उनकी पार्टी के विधायक उनसे खुश नहीं हैं।'
सुबह 10.30 बजे तक पता चल जाएगा कि अशोक गहलोत की कांग्रेस पार्टी का साथ देने के बाद राजनीतिक हैसियत कितनी बची है। इसके लिए अशोक गहलोत राजस्थान कांग्रेस के सभी कद्दावर नेताओं से सरकार बचाने में सहयोग मांग रहे हैं। अपने कुछ मंत्रियों और संगठन के नेताओं को उन्होंने विधायकों से बातचीत करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें ज्योति मिर्धा समेत अन्य शामिल हैं।
सचिन पायलट दिल्ली में हैं। पायलट के साथ मानेसर, गुडगांव और दिल्ली में राजस्थान के 20 से अधिक विधायक डेरा डाले हुए हैं। माना जा रहा है कि करीब 10 और विधायक सचिन पायलट के साथ हैं।
कांग्रेस विधायक हरेंद्र चौधरी से जब पूछा गया कि क्या आज की बैठक में सचिन पायलट शामिल होंगे तो उन्होंने कहा, 'हम तो नाराजगी ही नहीं मानते किसी प्रकार की। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आज सभी शामिल होंगे।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर सुबह 10.30 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू होगी।
अविनाश पांडे ने कहा, 'मैंने उनसे (सचिन पायलट) बात करने की कोशिश की और उन्हें संदेश भी भेजे, लेकिन उन्होंने अभी तक उनका जवाब नहीं दिया है। वे पार्टी से ऊपर नहीं हैं। पार्टी उनकी बात सुनने के लिए तैयार है लेकिन किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुझे उम्मीद है कि वह बैठक में शामिल होंगे।'
कांग्रेस विधायक महेंद्र चौधरी ने कहा, 'राजस्थान में कांग्रेस सरकार को गिराने के अपने प्रयासों में भाजपा सफल नहीं होगी। हमारे सभी कांग्रेस विधायक और हमारे गठबंधन के विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ हैं। सभी विधायक आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे।'
राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुझे यह कहते हुए काम सौंपा है कि यदि किसी कांग्रेसी विधायक या किसी भी गठबंधन विधायक को कोई समस्या है या वे अपनी समस्या पर चर्चा करना चाहते हैं, तो वे मुझसे आकर बात कर सकते हैं और हम इसे दूर करने पर काम करेंगे।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक होने वाली है।
उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का दावा है कि उनके पास 30 से अधिक विधायकों का समर्थन हैं। सूत्र बताते हैं कि कल से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी सक्रिय हुई हैं।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल आज राजस्थान के जयपुर पहुंचेंगे। जयपुर में सोमवार को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है।