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'दलित हो, मंदिर अपवित्र हो जाएगा': गांव के लोगों ने युवकों को दर्शन करने से रोका, विरोध करने पर मारपीट का आरोप

Mon, 22 Sep 2025 11:01 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चूरू

सार

Churu News: पीड़ित लोगों ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव के कुछ लोगों ने कहा कि दलित होने के कारण वे मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते। जब कानाराम ने जवाब दिया कि मंदिर सभी का है और उन्हें भी दर्शन करने का अधिकार है, तो आरोपियों ने गुस्से में आकर उनके साथ मारपीट की।
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मंदिर में दलितों को प्रवेश करने पर रोके जाने से हुआ विवाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चूरू जिले के सरदारशहर उपखंड के साडासर गांव में मंदिर दर्शन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि दलित युवकों को मंदिर में प्रवेश से रोकते हुए उनके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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शोभायात्रा के दौरान हुआ विवाद
डीएसपी सत्यनारायण गोदारा ने बताया कि कानाराम मेघवाल (19) की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 21 सितंबर को गांव की गौशाला में भागवत कथा का समापन हुआ था। शाम साढ़े छह बजे समापन के उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें गांव के लोग मंदिर तक पहुंचे। इस दौरान कानाराम, संदीप, मुकेश, विष्णु और कालूराम भी मंदिर में दर्शन करने जाने लगे।
 
दलित होने का हवाला देकर रोका
शिकायत के अनुसार, इसी दौरान गांव के सुरदास स्वामी, शंकरलाल, हिम्मत कुमार और अनिल ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि दलित होने के कारण वे मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते। जब कानाराम ने जवाब दिया कि मंदिर सभी का है और उन्हें भी दर्शन करने का अधिकार है, तो आरोपियों ने गुस्से में आकर उनके साथ मारपीट की। बताया गया कि शंकरलाल ने मंदिर के अंदर से डंडा लाकर कानाराम पर हमला कर दिया, जिससे वह फर्श पर गिर गया।
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भागीरथ और कालूराम ने उठाई आपत्ति
ग्रामीण भागीरथ ने कहा कि कथा के आयोजन में सभी ने सहयोग दिया था, लेकिन इसके बावजूद मंदिर में प्रवेश से रोकना और मारपीट करना गलत है। उन्होंने बताया कि पहले से ही मंदिर में दलित समुदाय के लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई हुई थी। वहीं कालूराम ने कहा कि कथावाचक संत शंकरदास ने सभी को दर्शन करने के लिए कहा था। इस आधार पर वे मंदिर की ओर बढ़े, लेकिन दूसरे पक्ष के लोगों ने एससी-एसटी समाज के लोगों को प्रवेश से रोकते हुए कहा कि मंदिर अपवित्र हो जाएगा। जब वे फिर भी अंदर गए तो उनके साथ मारपीट की गई।
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पुलिस ने दी दबिश
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपियों के घरों पर दबिश दी। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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