राजस्थान में कोरोना के आंकड़े खतरे की घंटी बजाते दिख रहे हैं। पांच महीने बाद प्रदेश में कोरोना के 600 नए केस समाने आए। इससे पहले 27 फरवरी को राज्य में 531 कोरोना संक्रमित मिले थे। हालांकि, राहत की बात यह रही कि संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई। कोरोना के आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा हालात जयपुर में खराब हैं। यहां नए मरीज मिलने का आंकड़ा 200 के पार चला गया। शनिवार को यहां 214 नए मरीज मिले हैं। इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश में 431, गुरुवार को 413, बुधवार को 343, मंगलवार को 300 और सोमवार को 298 संक्रमित मिले थे।
चिकित्सा विभाग के अनुसार शनिवार को अजमेर 38, अलवर 53, बांसवाड़ा 3, बाड़मेर 4, भरतपुर 1, भीलवाड़ा 9, बीकानेर 7, चित्तौड़गढ़ 25, चूरू 1, दौसा 27, धौलपुर 7, डूंगरपुर 14, हनुमानगढ़ 1, जयपुर 214, जैसलमेर 8, झालावाड़ 7, जोधपुर 55, कोटा 18, नागौर 17, पाली 1, राजसमंद 11, सवाई माधोपुर 3, सीकर 17, सिरोही 14 और उदयपुर में 45 संक्रमित मिले हैं।
सिर्फ तीन जिलों जहां एक्टिव मरीज नहीं
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में प्रदेश आठ जिलों में एक भी कोरोना मरीज नहीं मिला है। इनमें बारां, बूंदी, गंगानगर, जालोर, झुंझुनूं, करौली, प्रतापगढ़ और टोंक जिले शामिल हैं। साथ ही झुंझुनूं, करौली और बूंदी में एक भी सक्रिय मरीज भी नहीं है। इसके अलावा शनिवार को प्रदेश में 191 संक्रमित कोरोना से सही हुए। अब यहां एक्टिव केंसों का आंकड़ा 3016 पर पहुंच गया है। सबसे ज्यादा 1057 एक्टिव मरीज जयपुर में हैं।
मास्क किया जा सकता है अनिवार्य
प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। सरकार ने जिला कलेक्टरों को सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अब तक सोशल डिस्टेंसिंग जैसा कोई नियम लागू नहीं किया गया है। हालांकि, कहा यह भी जा रहा है कि अगर ऐसे ही कोरोना के आंकड़े बढ़ते रहे तो मास्क अनिवार्य किया जा सकता है।