राजस्थान की गहलोत सरकार ने राज्य में निजी जांच प्रयोगशालाओं में कोरोना की रैपिड एंटीजन जांच की अधिकतम दर 50 रुपये प्रति जांच तय कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने बताया कि आमजन को कम कीमतों पर सहज एवं सुलभ जांच सुविधा उपलब्ध कराने के राज्य सरकार के संकल्प को दृष्टिगत रखते हुए सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा गठित कमेटी के प्रस्ताव के मुताबिक यह दर निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि निर्धारित दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। गालरिया ने आदेश की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करवाने और अवहेलना की स्थिति में संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।
वहीं, राज्य के चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने बताया कि राज्य के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में 50 हजार सामान्य, 28 हजार ऑक्सीजन और 6 हजार आईसीयू बेड उपलब्ध हैं। भारत सरकार द्वारा डेडीकेडेट महत्वपूर्ण दवाइयों का तीस दिन का पर्याप्त बफर स्टॉक है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना मामलों में बढ़ोतरी जरूर है, लेकिन मृत्यु दर बेहद कम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए पूरी तरह सजग और सतर्क है।
मीणा सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया द्वारा देश के पांच राज्यों (महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, मध्यप्रदेश, दमन-दीव और राजस्थान) के साथ ली जा रही वीडियो कांफ्रेंस में हिस्सा ले रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान सभी राज्यों के चिकित्सा मंत्रियों के बातकर कोविड की तीसरी लहर से बचाव के लिए किए जा रही तैयारियों की समीक्षा की।
चिकित्सा मंत्री मीणा ने बताया कि राज्य में वर्तमान में कोविड-19 के कुल एक्टिव केस 19 हजार 487 हैं और साप्ताहिक पॉजिटिविटी की दर 5.26 है, जो देश की साप्ताहिक दर 7.39 फीसदी से कम है। उन्होंने बताया कि कुल एक्टिव केस में से 19 हजार 22 होम आइसोलेशन में हैं और शेष 445 अस्पतालों में भर्ती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में ऑमिक्रॉन के 529 मरीज हैं। उन्होंने बताया कि जिनोम सिक्वेंसिंग में पॉजिटिव मरीजों में से लगभग 92 प्रतिशत ओमिक्रॉन के ही पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रतिदिन लगभग 63 हजार सैम्पल लिए जा रहे है, जिसकी संख्या को आने वाले दिनों में 1 लाख तक बढ़ाई जाएगी।