कांग्रेस विधायक राकुमार शर्मा।
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नवलगढ़ से कांग्रेस विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। एफआईआर में विधायक का नाम नहीं है, लेकिन पूरे मामले की शुरआत राजकुमार शर्मा द्वारा लिखे गए एक पत्र से ही हुई है। एक पत्र से शुरू हुआ यह विवाद मारपीट तक पहुंचा तो पीड़ित ने विधायक के भाई सहित उनके 25 समर्थकों के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस विधायक राजकुमार शर्मा ने पिछले साल 24 नवंबर को 12 लोगों को नौकरी देने के लिए जीवीके कंपनी के एचआर प्रवीण कुमार शिंदे को एक पत्र लिखा था। यह कंपनी राजस्थान में 108 एंबुलेंस के रखरखाव, ड्राइवर और जरूरी व्यवस्थाओं का ध्यान रखती हैं। सरकार कंपनी को अनुबंध के तहत प्रति एंबुलेंस भुगतान करती है। जीवीके कंपनी 108 एंबुलेंस पर ड्राइवर अपॉइंटमेंट कर सभी जिम्मेदारी उसी को दे देती है।
जिससे उस ड्राइवर को होने वाली कमाई का अंदाज लगाया जा सकता है। कमाई के साथ-साथ 108 एंबुलेंस ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी सुविधा भी है। ग्रामीण परिवेश में चुनावों के समय इसका खूब उपयोग किया जाता है। इसी कारण से विधायक शर्मा ने कंपनी के एचआर से 12 लोगों को नौकरी देने की अनुशंसा की थी।
विधायक के लोगों को नौकरी नहीं देने पर एचआर शिंदे के पास धमकी और गाली भरे कॉल आने लगे, लेकिन उन्होंने इसे अनदेखा कर दिया। इससे नाराज विधायक समर्थक 25 लोगों ने कंपनी के ऑफिस में घुसकर एचआर शिंदे की पटाई लगा दी। पीड़ित ने मारपीट के दो दिन बाद गांधी नगर थाने में केस दर्ज कराया है। पीड़ित ने विधायक के भाई राजपाल शर्मा सहित 25 लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस जांच की बात कहकर मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर रही हैं।
दुष्कर्म के प्रयास का भी लगा था आरोप
इससे पहले 2018 में विधायक राजकुमार शर्मा पर एक महिला ने दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया था। शर्मा पर यह आरोप विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लगाया गया था। मामले की जांच में बाद सीआइडी-सीबी ने आरोप को झूठा बताते हुए केस बंद कर दिया था।