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Rajasthan: 17 से 20 अप्रैल तक कांग्रेस विधायकों की वन-टू-वन रायशुमारी, क्या पायलट देंगे गहलोत का फीडबैक ?

Mon, 17 Apr 2023 09:07 AM IST
नीरज शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 17, 18 और 20 अप्रैल को विधायकों के साथ प्रदेश हाईकमान की वन टू वन रायशुमारी करेगी । सचिन पायलट के तेवर दिखाने के बाद यह संवाद कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर हो रहा है। क्या पायलट भी गहलोत का फीडबैक देंगे ?
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कांग्रेस में 17 से 20 अप्रैल तक विधायकों से फीडबैक प्रोग्राम - फोटो : फाइल फोटो।
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विस्तार
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पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के तेवर दिखाने और अपनी ही कांग्रेस सरकार को घेरने के बाद प्रदेश कांग्रेस हाईकमान विधायकों से रायशुमारी करने जा रही हैं। 17, 18 और 20 अप्रैल को अलग-अलग संभाग के विधायकों के साथ वन टू वन चर्चा प्रदेश कांग्रेस आलाकमान करेगी। पायलट ने पिछ्ली वसुंधरा सरकार के समय हुए भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच नहीं करवाने के आरोप सीएम गहलोत की सरकार पर लगाए हैं। पायलट ने कांग्रेस सरकार रिपीट करने के लिए इन घोटालों की जांच कर कार्रवाई करने की बात को निहायत जरूरी बताया है।
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सरकार का क्या परसेप्शन और नैरेटिव है ?

सचिन पायलट के गहलोत सरकार और वसुंधरा राजे की पिछली सरकार के खिलाफ प्रेसवार्ता और अनशन करने के बाद कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर ही विधायकों के मन की बात अकेले में और एक-एक कर व्यक्तिगत रूप से जानने का कार्यक्रम संभागवार रखा गया है, ताकि ग्राउंड रियलिटी का पता कांग्रेस हाईकमान को लग सके। हाईकमान जानना चाहती है कि राजस्थान में कांग्रेस और पार्टी की सरकार कितने पानी में है। जनता के बीच सरकार का क्या परसेप्शन और नैरेटिव है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रिपीट करने के लिए कौन से काम करने चुनाव से पहले जरूरी हैं। 

ये रहेगा फीडबैक प्रोग्राम

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा  17, 18 और 20 अप्रेल को कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी के समर्थक विधायकों से वन-टू-वन संवाद कर चर्चा करेंगे। पीसीसी  प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि रंधावा, गहलोत और डोटासरा 17 अप्रेल को अजमेर, टोंक, नागौर, भीलवाड़ा, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, सिरोही और जालौर जिलों के विधायकों से वन-टू-वन संवाद कर चर्चा करेंगे। इसी प्रकार  18 अप्रेल को उदयपुर, चित्तौडग़ढ़, प्रतापगढ़, डूॅंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमन्द, कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाईमाधोपुर का फीडबैक प्रोग्राम है। 20 अप्रेल को बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, अलवर, दौसा, सीकर और झुन्झुनूं जिलों के विधायकों से वन-टू-वन संवाद कर चर्चा करेंगे। 
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स्थानीय मुद्दों पर फीडबैक, 19 अप्रैल को जनप्रतिनिधियों की वर्कशॉप

प्रवक्ता ने बताया कि संवाद में सभी विधायकों से उनके क्षेत्र के स्थानीय मुद्दों पर फीडबैक लिया जाएगा और आगामी समय में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर निर्देश प्रदान किए जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर सर 19 अप्रेल को जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे से एक दिन की वर्कशॉप रखी गई है। जिसमें एआईसीसी और पीसीसी डेलीगेट्स, प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, सांसद, सांसद प्रत्याशी, पूर्व सांसद, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष, राजस्थान विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष, राज्य सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक ,विधायक प्रत्याशी, पूर्व विधायक, जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी, विभाग और प्रकोष्ठों के प्रदेशाध्यक्ष, जिला प्रमुख, प्रधान, नगर निकाय के अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष और मण्डलों के अध्यक्ष हिस्सा लेंगे।

क्या सचिन पायलट भी देंगे फीडबैक ?

पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट पूर्व सांसद और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भी हैं। साथ ही टोंक से मौजूदा कांग्रेस विधायक हैं। प्रेस वार्ता और अनशन के जरिए गहलोत सरकार को जनता और कांग्रेस पार्टी में घेरने के बाद जो फीडबैक और वर्कशॉप हो रही है । इसमें सचिन पायलट की उपस्थिति भी अपेक्षित है। लेकिन बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या पायलट प्रभारी रंधावा, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपना फीडबैक देने इस प्रोग्राम में आएंगे ?  क्योंकि सीएम गहलोत पर ही पायलट ने आरोप लगाए हैं और प्रभारी रंधावा सचिन पायलट पर कार्रवाई की बात मीडिया में कह चुके हैं। अब पायलट इन्हीं नेताओं के सामने अपना दुखड़ा बताएंगे या कांग्रेस हाईकमान से ही सीधे बात करेंगे। 
पायलट के फीडबैक प्रोग्राम में नहीं आने पर भी पार्टी हाईकमान तक गलत मैसेज आ सकता है। ऐसे में क्या सचिन पायलट खुलकर अपनी बात फीडबैक प्रोग्राम और वर्कशॉप में रखेंगे या सिर्फ हाजिरी लगाकर उपस्थिति दर्ज कराएंगे ? यह भी चर्चा का विषय है। इस पूरे फीडबैक प्रोग्राम में पायलट की उपस्थिति यह भी बताएगी कि हाईकमान से उन्हें क्या दिशा निर्देश दिए गए हैं। विधायक और जनप्रतिनिधि भी मौजूदा कांग्रेस सरकार का आईना दिखाएंगे।
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