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राजस्थान का रण: अशोक गहलोत की मुश्किलें फिर बढ़ेंगी? दिल्ली में डटे पायलट कैंप के 15 विधायक

Thu, 01 Jul 2021 06:20 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

पायलट कैंप के 15 विधायक इस वक्त दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। माना जा रहा है कि इससे अशोक गहलोत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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अशोक गहलोत, सचिन पायलट - फोटो : फाइल
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विस्तार
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देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस कई राज्यों में अंदरूनी कलह से जूझ रही है। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्दू के बीच सियासी तलवारें खिंची हुई हैं। वहीं, कर्नाटक में सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार आमने-सामने हैं। इनके अलावा राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पयालट की तनातनी थमने का नाम नहीं ले रही है। दरअसल, पायलट और गहलोत के बीच की अनबन राजस्थान में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद ही सामने आने लगी थी। कुछ समय दोनों के बीच खामोशी रही, लेकिन एक बार फिर कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियों को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। दरअसल, पायलट कैंप के 15 विधायक इस वक्त दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। माना जा रहा है कि इससे अशोक गहलोत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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यह है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, पायलट कैंप के इन विधायकों ने सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से संपर्क किया था। उन्होंने पार्टी प्रमुख को बताया था कि राज्य सरकार में बसपा से कांग्रेसी बने विधायकों और निर्दलीय एमएलए का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। पायलट कैंप के विधायकों का कहना है कि वे तब तक दिल्ली में डेरा डाले रहेंगे, जब तक वरिष्ठ नेताओं से हमारी मुलाकात नहीं हो जाती। 

अजय माकन ने टाल दी मुलाकात

बताया जा रहा है कि इन 15 विधायकों ने कांग्रेस महासचिव और राजस्थान प्रभारी अजय माकन से मुलाकात का समय मांगा था, जिसके बाद उन्हें पांच विधायकों के प्रतिनिधिमंडल में आने के लिए कहा गया था। इस बैठक के लिए मंगलवार (29 जून) दोपहर का वक्त तय किया गया था, लेकिन माकन ने व्यस्तता बताते हुए बैठक स्थगित कर दी थी। इस पर विधायकों ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सरकार का नेतृत्व करते हैं और संगठन राज्य पार्टी प्रमुख द्वारा तय होता है। दोनों हमसे बच रहे हैं। 2018 में मतदान करने वाले कार्यकर्ताओं और जनता को सरकार में नहीं सुना जा रहा।
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राजस्थान में छिड़ा सियासी घमासान

गौरतलब है कि राजस्थान में काफी समय से सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच कैबिनेट विस्तार व राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। पायलट कैंप के विधायकों का कहना है कि बसपा से कांग्रेस में आने वाले विधायक विधानसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक ढांचे को कमजोर कर रहे हैं। पार्टी संगठन भी इन विधायकों की मर्जी के हिसाब से काम कर रहा है, जिससे पार्टी कार्यकर्ता और मतदाता ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
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