राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
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चुनावी बॉन्ड को लेकर अपने रुख को बरकरार रखते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को चुनावी बॉन्ड को भ्रष्टाचार का दूसरा रूप बताया। इसके साथ ही सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र के नोटबंदी के फैसले बाद भी काला धन अब भी मौजूद है।
गहलोत ने कहा, 'केंद्र ने दावा किया था कि नोटबंदी से काला धन समाप्त हो जाएगा लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा हो नहीं पाया। काला धन आज भी मौजूद है और चुनावी बॉन्ड इसी का एक और स्वरूप हैं।' उन्होंने एक बार फिर कहा कि भ्रष्टाचार खत्म करने की बात तब तक करना बेकार है जब तक राजनीतिक दलों को काले धन का प्रवाह रोका न जाए।
उन्होंने कहा, 'भ्रष्टाचार की शुरुआत नेताओं द्वारा काले धन से चुनाव लड़ने के साथ होती है। यह समझना कठिन है कि खुद काले धन और चंदे की मदद से चुनाव लड़ने वाले नेता भ्रष्टाचार को कैसे खत्म कर सकते हैं।'
चुनावी बॉन्ड को 'कलंक' करार देते हुए गहलोत ने कहा, मैं किसी एक राजनीतिक दल की बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि इसमें सभी दल शामिल हैं। भ्रष्टाचार को तभी समाप्त किया जा सकता है जब राजनीतिक दलों को काले धन की फंडिंग रोकी जाए।
इससे पहले राजस्थान उच्च न्यायालय के नए भवन के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री गहलोत ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के सामने भी यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध भी किया था।