राजस्थान में मायावती की पार्टी बसपा के छह विधायक सोमवार देर रात कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या बढ़कर 100 से 106 हो गई है। इससे पहले बसपा ने कांग्रेस सरकार को बाहर से समर्थन दे रखा था।
विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने कहा कि सभी विधायकों का कांग्रेस में विलय पत्र मिल चुका है। अब इसमें किसी प्रकार की कानूनी बाधा नहीं आएगी।
विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने एक बार फिर बीएसपी के विधायकों को तोड़कर गैर-भरोसेमन्द व धोखेबाज़ पार्टी होने का प्रमाण दिया है। यह बीएसपी मूवमेन्ट के साथ विश्वासघात है जो दोबारा तब किया गया है जब बीएसपी वहां कांग्रेस सरकार को बाहर से बिना शर्त समर्थन दे रही थी।
उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा कि कांग्रेस अपनी कटु विरोधी पार्टी/संगठनों से लड़ने के बजाए हर जगह उन पार्टियों को ही सदा आघात पहुंचाने का काम करती है जो उन्हें सहयोग/समर्थन देते हैं। कांग्रेस इस प्रकार एससी, एसटी,ओबीसी विरोधी पार्टी है तथा इन वर्गों के आरक्षण के हक के प्रति कभी गंभीर व ईमानदार नहीं रही है।
मायावती द्वारा लगाए इस आरोप पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मायावती से इस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि विधायकों ने राज्य की स्थिति और लोगों की भावनाओं पर विचार किया, यही कारण है कि वे हमारे साथ शामिल हुए, हमने उन पर कोई दबाव नहीं डाला।