निकाय चुनाव में कथित गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस चुनाव आयोग पहुंची। डोटासरा-जूली ने अधिकारियों पर बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने लॉटरी प्रक्रिया, पार्षदों की कथित खरीद-फरोख्त, पुलिस-प्रशासन के इस्तेमाल और कुछ अधिकारियों की भूमिका से जुड़े आरोप भी लगाए। कांग्रेस का कहना है कि इन मामलों से संबंधित सबूत आयोग को सौंपे गए हैं।
मतदान के बाद पार्षदों पर दबाव का आरोप
डोटासरा ने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद बोर्ड गठन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल कर कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ पार्षदों को जबरन भाजपा खेमे में ले जाया गया और कुछ जगह उन्हें वहीं प्रमाण पत्र भी दिलाए गए।
लॉटरी की प्रक्रिया पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। डोटासरा ने आरोप लगाया कि कई जगह लॉटरी पारदर्शी तरीके से नहीं कराई गई और बच्चों की जगह कर्मचारियों से पर्चियां निकलवाई गईं। उन्होंने कहा कि लॉटरी के परिणाम लगभग पूरी तरह भाजपा के पक्ष में रहे।
'चुनाव आयोग निष्पक्ष दिखना भी चाहिए'
डोटासरा ने कहा कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था में जनता का विश्वास बना रहना जरूरी है। आयोग की निष्पक्षता केवल फैसलों में नहीं, बल्कि उसकी कार्रवाई और कामकाज में भी दिखाई देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए डोटासरा ने कहा, "राजस्थान में पार्षद चोर मुख्यमंत्री है।" उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रशासनिक व्यवस्था की गरिमा प्रभावित की गई।
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जूली बोले- 'पूरी सरकार पार्षद लूटने में लगी रही'
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव में भाजपा ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि पार्षदों पर दबाव बनाने के काम में पुलिस के अलावा सामान्य प्रशासन, नगर निकाय, वन और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों का भी इस्तेमाल किया गया।
जूली ने आरोप लगाया कि कुछ पार्षदों की मेडिकल दुकानों पर विभागीय कार्रवाई की गई और कुछ पार्षदों व उनके परिजनों को धमकाया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इन मामलों से जुड़े तथ्य और सबूत निर्वाचन आयुक्त के सामने रखे हैं।
'ईमानदार अधिकारियों को परेशान किया तो आंदोलन'
जूली ने कहा कि जनता निकाय चुनाव में अपना फैसला दे चुकी थी, इसके बावजूद बोर्ड गठन के दौरान कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पक्ष में काम करने वाले अधिकारियों की जांच की मांग आयोग से की गई है।
जूली ने यह भी कहा कि कुछ अधिकारियों ने कथित राजनीतिक दबाव में काम करने से इनकार किया, लेकिन अब उन्हें परेशान करने और तबादले की धमकी देने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।
आयुक्त बोले- सबूत सही मिले तो कार्रवाई होगी
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि शिकायतों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि प्रस्तुत किए गए सबूत सही पाए गए तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।