राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अंधविश्वास की आड़ में एक महिला को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। जिले में अंधविश्वास की आड़ में दौलत के लालची लोगों ने एक महिला को डायन बताकर धर्म स्थल पर पूजा कराने के नाम पर सांकल से पीटा और गर्म चिमटे से ललाट पर दागा। 35 वर्षीय महिला पीटने और दागने से बेहाश हो गई। महिला को गंभीर हालत में पहले शाहपुरा और बाद में भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
भीलवाड़ा के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करने की घटना 21 नवंबर को हुई। इस मामले में कई लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने कहा कि वह एकदम स्वस्थ थी। गांव से परिवार सदस्यों के साथ शनिवार को कुंडिया पहुंची, जहां से रिश्तेदारों के साथ चलानिया स्थित देव स्थल पर धोक लगाने गई। अगले दिन रविवार सुबह अपने आप को भोपी कहने वाली संतोष देवी ने नारायणी (रिश्तेदार) आदि के साथ मिलकर सांकल से पिटाई की और चिमटा गर्म कर ललाट और शरीर पर दाग दिया। कहा कि वह डायन है, उस पर बुरी आत्मा है।
पीड़ित महिला ने कहा कि आरोपी स्थानीय देवता की पूजा करने और बुरी आत्मा से मुक्त करने के नाम पर उससे 5,000 रुपये भी लिए थे। आरोपियों ने महिला को पुलिस को सूचित करने पर फिर से प्रताड़ित करने की धमकी दी। पीड़िता ने बताया, पिटाई के कारण मैं डर से बेहोश हो गई। मैं इस घटना के बारे में अपने पति को बताना चाहती थी, जो शहर से बाहर रहता था, लेकिन आरोपी ने मुझसे फोन छीन लिया। मेरे पति ने जब फोन किया, तो टोटका करने वाले ने कहा कि उस पर बुरी आत्मा का साया है, अभी वह सो रही है। कुछ दिनों बाद घर लौटेगी।
पुलिस अधीक्षक विमल सिंह ने कहा कि पुलिस ने पीड़िता के बहनोई, पीड़िता की भाभी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सिंह ने कहा कि हम मामले की संवेदनशील तरीके से जांच कर रहे हैं और फरार आरोपियों को पकड़ने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।