याचिका दायर होने के मायने
अयोग्यता नोटिस पर जल्द सुनवाई की मांग को लेकर दायर याचिका को दबाव की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि गहलोत गुट की ओर से पायलट गुट पर दबाव बनाने के लिए यह याचिका दायर की गई है। याचिका दायर करने के पीछे गहलोत गुट का ही हाथ बताया जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि 2020 में विधानसभा अध्यक्ष की ओर से अयोग्यता की नोटिस मिलने के बाद पायलट गुट ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पायलट गुट के विधायकों ने नोटिस के खिलाफ याचिका दायर की थी, लेकिन अब यह विधायक याचिका पर सुनवाई नहीं चाहते हैं। हाईकोर्ट में दायर हुई याचिका पर पायलट गुट के विधायक पीआर मीणा ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में याचिका पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए।