मांडल
मांडल में भाजपा के मौजूदा विधायक कालूलाल गुर्जर और कांग्रेस रामलाल जाट (पूर्व मंत्री) के बीच कांटे की टक्कर। कांग्रेस के बागी प्रद्युम्न सिंह और भाजपा के बागी उदयलाल भी मैदान में हैं। मांडलगढ़ में आठ निर्दलीय समेत पांच दलों के 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा ने नए चेहरे युआआईटी चेयरमैन गोपाल खंडेलवाल जबकि कांग्रेस ने मौजूदा विधायक विवेक धाकड़ पर भरोसा जताया है। कांग्रेस से बृजराज कृष्ण उपाध्याय बागी हैं। यहां ब्राह्मण और धाकड़ मतदाता बड़ी संख्या में हैं।
आसींद
आसींद में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने नए प्रत्याशी उतारे हैं। भाजपा की तरफ से जब्बर सिंह सांखला और कांग्रेस की तरफ से मनीष मेवाड़ा आमने-सामने हैं। कांग्रेस के बागी मनसुख गुर्जर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर गुर्जर और एससी वोट निर्णायक हैं।
जहाजपुर
जहाजपुर में भाजपा ने गोपीचंद मीणा और कांग्रेस के स्थानीय विधायक धीरज गुर्जर के बीच मुकाबला है। गोपीचंद मीणा एक महीने पहले तक सरकारी नौकरी में थे। पिछले चुनाव में मोदी लहर में कांग्रेस ने मेवाड़ में यही एक मात्र सीट जीती थी। इसलिए धीरज गुर्जर को फिर मौका। यहां कोई बागी नहीं है।
अजमेर
अजमेर उत्तर की सीट पर सात दलों के 12 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें पांच निर्दलीय भी हैं। भाजपा की तरफ से मौजूदा विधायक वासुदेव देवनानी और कांग्रेस के टिकट पर महेंद्र सिंह रलावता मैदान में हैं। दो बार मंत्री और तीन बार विधायक रह चुके देवनानी के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस को क्षेत्र से मिली 7 हजार वोटों की बढ़त से रलावता को सत्ता विरोधी लहर दिखाई दे रही है।
अजमेर दक्षिण
अजमेर दक्षिण से 10 दलों से 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां एक निर्दलीय उम्मीदवार ताल ठोक रह है। भाजपा की तरफ से मौजूदा विधायक अनीता भदेल और कांग्रेस की तरफ से हेमंत भाटी के बीच कड़ा मुकाबला है। लोकसभा उपचुनाव में भाजपा इसी क्षेत्र से 13 हजार वोटों से पिछड़ गई थी। 2013 के चुनाव में अनिता भदेल ने हेमंत भाटी को 23 हजार वोटों से हराया था।
पुष्कर
पुष्कर में मुख्य सात दलों के 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा के सुरेश सिंह रावत और कांग्रेस के नसीम अख्तर इंसाफ के बीच है। हनुमान नसीफ निर्दलीय मैदान हैं। 2013 के चुनाव में सुरेश रावत 41290 वोटों से जीते थे मगर 11 महीने पहले हुए लोकसभा उपचुनाव में भाजपा इस क्षेत्र में 9412 वोटों से पिछड़ गई थी।
किशनगढ़
किशनगढ़ में आठ दलों के 16 प्रत्याशी मैदान में हैं इनमें आठ निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। भाजपा के विकास चौधरी और कांग्रेस के नंदराम थाकण के बीच मुख्य लड़ाई है। कांग्रेस के बागी नाथूराम सिनोदिया और भाजपा के बागी सुरेश टांक निर्दलीय मैदान में हैं।
केकड़ी
केकड़ी में 6 दलों के 10 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें चार निर्दलीय शामिल हैं। भाजपा के राजेंद्र कुमार और कांग्रेस के रघु शर्मा के बीच दिलचस्प मुकाबला है। कांग्रेस इस सीट पर आश्वस्त नजर आ रही है। उपचुनाव में रघु शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी राम स्वरूप को 34790 मतों से हराया था। केकड़ी में ब्राह्मणों की संख्या वैश्यों के मुकाबले लगभग 15 हजार कम है
मसूदा
मसूदा में मुख्य मुकाबला भाजपा के सुशील कंवर और कांग्रेस के राकेश के बीच है। कांग्रेस के बागी कय्यूम ने इस मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। लोकसभा उपचुनाव में भाजपा 6293 मतों से पिछड़ी थी।
ब्यावर
ब्यावर में भाजपा के मौजूदा विधायक शंकर रावत को कांग्रेस के उम्मीदवार पारस पंच (जैन) जैन से कड़ी टक्कर मिल रही है। ब्यावर विधानसभा क्षेत्र में 80 हजार के लगभग रावत वोटर हैं।
नसीराबाद
नसीराबाद में सीधा मुकाबला भाजपा के रामस्वरूप लांबा और कांग्रेस के रामनारायण गुर्जर के बीच है। नसीराबाद क्षेत्र में जाट व गुर्जर दोनों ही जातियों के लोग करीब 30 से 35 हजार के बीच है। यहां अब तक हुए चुनावों के नतीजों में भी अक्सर हार जीत का अंतर हजार-पांच सौ वोटों से ज्यादा का नहीं रहा है।