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राजस्थान : भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और अजमेर की 20 सीटों पर बाजी मारने वाला पहनेगा सत्ता की पगड़ी

Mon, 03 Dec 2018 12:02 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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Vasundhara Raje
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राजस्थान विधानसभा की कुल 12 सीटें भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में हैं। भीलवाड़ा की 7 में से 5 सीटों पर अभी भाजपा का कब्जा है। कांग्रेस ने 10 महीने पहले हुए मांडलगढ़ विधानसभा में हुए उपचुनाव में भाजपा की सीट छीनी थी। यहां से इस बार 8 बागी उम्मीदवार मैदान में हैं। 4 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला है। चित्तौड़गढ़ में कपासन-बेगूं में त्रिकोणीय मुकाबला है तो बाकी 3 पर सीधी टक्कर है। जमीनी हकीकत को देखें तो लगता है पार्टियां नहीं जातियां चुनाव लड़ रही हैं। 
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भीलवाड़ा में 7 सीटें, 8 बागी भी ठोक रहे ताल

भीलवाड़ा

भीलवाड़ा में 9 दलों के कुल 17 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें आठ निर्दलीय भी हैं। भाजपा के उम्मीदवार और स्थानीय विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी और कांग्रेस के अनिल डांगी (नया चेहरा) के बीच मुकाबला है। भाजपा के विट्ठलशंकर को तीसरी बार मौका मिला है जबकि कांग्रेस के डांगी पहली बार चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस के बागी ओम नराणीवाल भी मैदान में हैं। तीनों प्रमुख प्रत्याशी ब्राह्मण, माहेश्वरी और जैन समाज से हैं। 

सहाड़ा

सहाड़ा में 6 दलों के कुल 10 प्रत्याशी मैदान में हैं। चार निर्दलीय भी यहां अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भाजपा ने नए चेहरे रूपलाल जाट को मौका दिया है। कांग्रेस की तरफ से पूर्व विधायक कैलाश त्रिवेदी मैदान में हैं। भाजपा के बागी लादू लाल पितलिया निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर जाट और ब्राह्मण वोटों की बहुलता है। 
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शाहपुरा

शाहपुरा में 6 दलों के 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। पांच निर्दलीय भी यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के टिकट पर कैलाश मेघवाल, कांग्रेस के टिकट पर पूर्व निर्दलीय विधायक महावीर मोची, आप के टिकट पर गोपाल केसावत मैदान में हैं। कांग्रेस के बागी राजकुमार बैरवा भी ताल ठोक रहे हैं। 

'जातीय समूहों के बीच चुनाव'

मांडल

मांडल में भाजपा के मौजूदा विधायक कालूलाल गुर्जर और कांग्रेस रामलाल जाट (पूर्व मंत्री) के बीच कांटे की टक्कर। कांग्रेस के बागी प्रद्युम्न सिंह और भाजपा के बागी उदयलाल भी मैदान में हैं। मांडलगढ़ में आठ निर्दलीय समेत पांच दलों के 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा ने नए चेहरे युआआईटी चेयरमैन गोपाल खंडेलवाल जबकि कांग्रेस ने मौजूदा विधायक विवेक धाकड़ पर भरोसा जताया है। कांग्रेस से बृजराज कृष्ण उपाध्याय बागी हैं। यहां ब्राह्मण और धाकड़ मतदाता बड़ी संख्या में हैं।
 
आसींद

आसींद में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने नए प्रत्याशी उतारे हैं। भाजपा की तरफ से जब्बर सिंह सांखला और कांग्रेस की तरफ से मनीष मेवाड़ा आमने-सामने हैं। कांग्रेस के बागी मनसुख गुर्जर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर गुर्जर और एससी वोट निर्णायक हैं। 

जहाजपुर

जहाजपुर में भाजपा ने गोपीचंद मीणा और कांग्रेस के स्थानीय विधायक धीरज गुर्जर के बीच मुकाबला है। गोपीचंद मीणा एक महीने पहले तक सरकारी नौकरी में थे। पिछले चुनाव में मोदी लहर में कांग्रेस ने मेवाड़ में यही एक मात्र सीट जीती थी। इसलिए धीरज गुर्जर को फिर मौका। यहां कोई बागी नहीं है। 

अजमेर की 8 सीटें, 5 में द्विपक्षीय मुकाबला

अजमेर

अजमेर उत्तर की सीट पर सात दलों के 12 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें पांच निर्दलीय भी हैं। भाजपा की तरफ से मौजूदा विधायक वासुदेव देवनानी और कांग्रेस के टिकट पर महेंद्र सिंह रलावता मैदान में हैं। दो बार मंत्री और तीन बार विधायक रह चुके देवनानी के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस को क्षेत्र से मिली 7 हजार वोटों की बढ़त से रलावता को सत्ता विरोधी लहर दिखाई दे रही है।

अजमेर दक्षिण

अजमेर दक्षिण से 10 दलों से 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां एक निर्दलीय उम्मीदवार ताल ठोक रह है। भाजपा की तरफ से मौजूदा विधायक अनीता भदेल और कांग्रेस की तरफ से हेमंत भाटी के बीच कड़ा मुकाबला है। लोकसभा उपचुनाव में भाजपा इसी क्षेत्र से 13 हजार वोटों से पिछड़ गई थी। 2013 के चुनाव में अनिता भदेल ने हेमंत भाटी को 23 हजार वोटों से हराया था।
 
पुष्कर

पुष्कर में मुख्य सात दलों के 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा के सुरेश सिंह रावत और कांग्रेस के नसीम अख्तर इंसाफ के बीच है। हनुमान नसीफ निर्दलीय मैदान हैं। 2013 के चुनाव में सुरेश रावत 41290 वोटों से जीते थे मगर 11 महीने पहले हुए लोकसभा उपचुनाव में भाजपा इस क्षेत्र में 9412 वोटों से पिछड़ गई थी।

किशनगढ़

किशनगढ़ में आठ दलों के 16 प्रत्याशी मैदान में हैं इनमें आठ निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। भाजपा के विकास चौधरी और कांग्रेस के नंदराम थाकण के बीच मुख्य लड़ाई है। कांग्रेस के बागी नाथूराम सिनोदिया और भाजपा के बागी सुरेश टांक निर्दलीय मैदान में हैं।
 
केकड़ी

केकड़ी में 6 दलों के 10 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें चार निर्दलीय शामिल हैं। भाजपा के राजेंद्र कुमार और कांग्रेस के रघु शर्मा के बीच दिलचस्प मुकाबला है। कांग्रेस इस सीट पर आश्वस्त नजर आ रही है। उपचुनाव में रघु शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी राम स्वरूप को 34790 मतों से हराया था। केकड़ी में ब्राह्मणों की संख्या वैश्यों के मुकाबले लगभग 15 हजार कम है

मसूदा

मसूदा में मुख्य मुकाबला भाजपा के सुशील कंवर और कांग्रेस के राकेश के बीच है। कांग्रेस के बागी कय्यूम ने इस मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। लोकसभा उपचुनाव में भाजपा 6293 मतों से पिछड़ी थी। 

ब्यावर

ब्यावर में भाजपा के मौजूदा विधायक शंकर रावत को कांग्रेस के उम्मीदवार पारस पंच (जैन) जैन से कड़ी टक्कर मिल रही है। ब्यावर विधानसभा क्षेत्र में 80 हजार के लगभग रावत वोटर हैं।

नसीराबाद

नसीराबाद में सीधा मुकाबला भाजपा के रामस्वरूप लांबा और कांग्रेस के रामनारायण गुर्जर के बीच है।  नसीराबाद क्षेत्र में जाट व गुर्जर दोनों ही जातियों के लोग करीब 30 से 35 हजार के बीच है। यहां अब तक हुए चुनावों के नतीजों में भी अक्सर हार जीत का अंतर हजार-पांच सौ वोटों से ज्यादा का नहीं रहा है।
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चितौड़गढ़ की 5 सीटों में से 3 पर भाजपा बनाम कांग्रेस में सीधी जंग

चितौडगढ़

चितौडगढ़ में तीन निर्दलीय समेत पांच दलों के आठ उम्मीदवार मैदान में हैं।

भाजपा के मौजूदा विधायक चंद्रभानसिंह आक्या का सीधा मुकाबला कांग्रेस के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत से है। इस सीट पर कोई बागी मैदान में नहीं है। यहां कुल 2.48 लाख मतदाताओं में से 87 हजार शहरी मतदाता हैं जो परिणाम की दिशा तय कर सकते हैं।

निम्बाहेड़ा

निम्बाहेड़ा में चार निर्दलीय उम्मीदवारों समेत नौ दलों के तरह प्रत्याशी मैदान में हैं। मंत्री और भाजपा उम्मीदवार श्रीचंद कृपलानी और कांग्रेस पूर्व सांसद उदयलाल आंजना के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रह है। पिछले पांच साल में बढ़ा अपराध इस सीट पर सबसे बड़ा मुद्दा है।

बड़ीसादड़ी

बड़ीसादड़ी में चार निर्दलीय समेत सात दलों के 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा ने ललित ओस्तवाल पर जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी पर भरोसा जताया है। भाजपा ने मौजूदा विधायक गौतम दक का टिकट काटकर पूर्व प्रधान ललित ओस्तवाल को टिकट दिया है। कांग्रेस से पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी हैं। यहां कांग्रेस के अनुभवी उम्मीदवार और सीटिंग एमएलए का टिकट कटने से उपज रही नाराजगी से निपटना चुनौती है।

बेगूं

बेगूं में एक निर्दलीय समेत सात दलों के आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा के मौजूदा विधायक सुरेश धाकड़ और कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्रसिंह विधुड़ी के बीच है। यहां कांग्रेस से बागी गोपाल भील हैं। भील को आरएलपी ने भी समर्थन दिया है। यहां मुकाबला त्रिकोणीय है। सबसे ज्यादा वोटर गुर्जर-धाकड़ हैं। करीब 20 हजार भील वोटर हैं।

कपासन

कपासन में एक निर्दलीय समेत 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। स्थानीय विधायक और भाजपा के प्रत्याशी अर्जुनलाल जीनगर और कांग्रेस के आनंदीराम खटीक के बीच यहां कांटे की टक्कर है। कांग्रेस ने आनंदीराम खटीक के तौर पर नया चेहरा उतारा है। शांतिलाल धोबी आरएलपी से उतरे हैं, जो कांग्रेस के बागी हैं।
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