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Rajasthan Election: राजस्थान में कांग्रेस को भितरघात का खतरा, भाजपा के लिए बागी बन रहे संकट

Fri, 24 Nov 2023 06:16 AM IST
जलज मिश्रा प्रेम प्रताप सिंह, जयपुर

सार

जमीन पर गहलोत और पायलट समर्थकाें में आपसी टकराव की चर्चा भी है। एक गुट दूसरे के लिए थोड़ी सा भी दम नहीं लगा रहा। इस फूट का सबसे अधिक लाभ भाजपा को हर अंचल में मिल रहा है।
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Rajasthan Election 2023 - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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कांग्रेस ने गहलोत सरकार की स्कीमों, गारंटियों के जरिये सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत लगा दी है। राहुल गांधी ने गहलोत और पायलट का हाथ भी मिलवा दिया है, लेकिन अब भी दोनों के बीच सब ठीक नहीं है। चुनाव प्रचार खत्म होने के दिन तक भी दोनों नेता एक-दूसरे के समर्थक प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने नहीं पहुंचे। इसके उलट भाजपा में वसुंधरा राजे ने नामांकन प्रक्रिया से ही चुनाव प्रचार करने के लिए मोर्चा संभाल लिया। रोज दो से तीन सभाएं कर रही हैं। 20 से ज्यादा सीटों पर बागी भाजपा प्रत्याशियों के लिए संकट खड़ा करेंगे। इसका सीधे तौर पर फायदा कांग्रेस या किसी अन्य प्रत्याशी को हो रहा है।
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वसुंधरा राजे चुनाव प्रचार में जुटीं
जमीन पर गहलोत और पायलट समर्थकाें में आपसी टकराव की चर्चा भी है। एक गुट दूसरे के लिए थोड़ी सा भी दम नहीं लगा रहा। इस फूट का सबसे अधिक लाभ भाजपा को हर अंचल में मिल रहा है। कांग्रेस के भीतर उलझे जातिगत समीकरण से उसे नुकसान हो रहा है। भाजपा में भी पहली लिस्ट में वसुंधरा समर्थकों का टिकट कटने से टकराव जैसी स्थिति बनी थी, लेकिन दूसरी लिस्ट से भाजपा ने डैमेज कंट्रोल कर लिया। वसुंधरा समर्थको को टिकट मिले, जिसके बाद नामांकन प्रक्रिया से वसुंधरा राजे चुनाव प्रचार में लग गईं। भाजपा ने माहौल बनाने के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य नेताओं को भी मैदान में उतारा हुआ है। इससे गुटबाजी वाली स्थिति भाजपा के भीतर कम है, लेकिन 20 से ज्यादा सीटों पर बागी प्रत्याशियों से सबसे अधिक नुकसान होने के आसार है।

बागी बिगाड़ रहे समीकरण
भाजपा-
  1. पूर्व मंत्री यूनुस खान डीडवाना से
  2. चित्तौड़गढ़ के मौजूदा विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या
  3. खंडेला से पूर्व बंशीधर बाजिया
  4. पूर्व स्पीकर कैलाश मेघवाल
  5. बाड़मेर से प्रियंका चौधरी
  6. सवाईमाधोपुर से आशा मीणा
  7. शिव से रविंद्र सिंह भाटी
  8. सीकर के उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल
  9. कोटपुतली में मुकेश गोयल
  10. सांचौर में जीवाराम चौधरी
  11. अनुपगढ़ में शिमला बावरी
  12. झुंझुनूं में राजेंद्र भांबू
भाजपा के यह नेता बगावत करके चुनावी मैदान में है। इससे नुकसान होने की आशंका है। इन्हें भाजपा ने छह साल के लिए पार्टी से बाहर भी निकाल दिया है। पार्टी ने जितेंद्र मीणा, दिनेश बड़ाला, पवनी मेघवाल, अशोक सिंह रावत सहित कई बागियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
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कांग्रेस
  1. कांग्रेस भी बागियों से परेशान है। टिकट कटने के बाद 
  2. राजगढ़ से विधायक जौहरीलाल मीना
  3. बसेड़ी से खिलाड़ी लाल बैरवा
  4. नागौर से हबीबुर्रहर्मान 
इसके अलावा अलग-अलग सीटों से कांग्रेस ने राहुल मीना, शीला मीना, डॉ. श्रीगोपाल बाहेती, करुणा, अशोक चाण्डक, डॉ. गोविन्द शर्मा, ओम बिश्रोई, सुनील परिहार, राकेश बोयत, नरेश कुमार मीणा, डॉ. अजीजुद्दीन आजाद, गोपाल गुर्जर,  फतेह खान, राजकरण चौधरी, कैलाश मीना, देवराम रोत, महेंद्र बरजोड़, वीरेंद्र बेनीवाल, रामचन्द्र सराधना, भीम गुर्जर, सुरज्ञान सिंह घौसल्या, हरिकिशन तिवारी,  रेवंतराम पंवार, लच्छाराम बढ़ारड़ा सहित तमाम नेताओं बगावत करने के लिए निष्कासित कर दिया है।
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