राजस्थान विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस ने अपने शीर्ष नेताओं को चुनाव की जिम्मेदारी बांट दी है। गुरुवार देर रात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नौ समितियों की घोषणा की, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को प्रदेश चुनाव समिति का अध्यक्ष,पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को समन्वय समिति का अध्यक्ष और अजमेर के सांसद रघु शर्मा को कैंपेनिंग कमेटी की कमान सौंपी गई है।
कांग्रेस पार्टी आलाकमान के ऊपर सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने सभी प्रमुख नेताओं को एक जुट करने की है इसलिए हर किसी को अहम जिम्मेदारी से नवाजा गया है। अब तक पार्टी और आरएसीए के दायित्वों से बेदखल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी जोशी को पब्लिसिटी और पब्लिकेशन कमेटी का चेयरमैन बनाया दिया गया है। वहीं, प्रदेश इलेक्शन कमेटी में पायलट के अलावा 44 नेता होंगे।
इलेक्शन कमेटी में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी सह अध्यक्ष और रमेश मीणा संयोजक होंगे। इसके अलावा कैंपेनिंग कमेटी में 60 नेता होंगे और घोषणा पत्र समिति का अध्यक्ष हरीश चौधरी को बनाया गया है, इसमें बीडी कल्ला,चंद्रभान और दो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष समेत 53 नेता शामिल हैं। मीडिया एंड कोआर्डिनेशन कमेटी विधायक गोविंद सिंह डोटासरा देखेंगे और अर्चना शर्मा सह अध्यक्ष होंगी। पूर्व मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल अनुशासन समिति, रेहाना रियाज प्रोटोकाल कमेटी और पूर्व मंत्री प्रसादी लाल मीणा ट्रांसपोर्ट एंड एकोमोडेशन कमेटी के चेयरमैन होंगे।
वहीं पार्टी आलाकमान ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चुनाव का संयोजन और सचिन पायलट को इलेक्शन कमेटी की अहम जिम्मेदारी देकर कांग्रेस ने भविष्य की ओर इशारा कर दिया है। गहलोत और पायलट के बीच के शीत युद्ध की वजह से कांग्रेस में फूट की स्थिति बनी हुई है। जहां गहलोत समर्थक चाहते हैं कि पार्टी मुख्यमंत्री पद के लिए उन्हे चेहरा बताये वही एक धड़ा युवा नेता सचिन पायलट को भावी मुख्यमंत्री के तौर पर देखता है।