राजस्थान विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को लेकर दोनों प्रमुख पार्टियों की सूची का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। सूचियों के अटकने की वजहें भी दोनों पार्टियों में अलग-अलग है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भाजपा अध्यक्ष को उम्मीदवारों के नाम भेजे हैं, लेकिन अमित शाह इससे संतुष्ट नहीं हैं।
सूत्र बताते हैं कि वसुंधरा की ओर से पेश सूची में ज्यादातर पुराने विधायकों के नाम हैं। यही कारण है कि शाह अपने तरीके से सही उम्मीदवारों का चयन कर रहे हैं। यही नहीं उन्होंने अपने खास और विश्वासपात्र लोगों को जिलेवार सर्वे के काम में भी लगा दिया है। सर्वे से निकलकर सामने आने वाले नाम शाह तक तीन दिन में पहुंच जाएंगे।
चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि जिताऊ प्रत्याशियों को चुनाव में उतारने की कवायद अंतिम दौर में है। पहली सूची दीपावली के बाद जारी हो जाएगी।
वहीं, कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने अपनी अपनी ओर से दो अलग अलग सूचियां भेजी हैं, जिससे राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। हालांकि दोनों की सूची पर विचार विमर्श का काम जारी है। चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, राजस्थान में उम्मीदवारों के लिए नामांकन प्रक्रिया में अब एक हफ्ते का ही समय बचा है। वैसे पायलट ने कहा है कि दीपावली के बाद कांग्रेस अपनी पहली सूची जारी करेगी।
(ब्यूरो)