राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है, नेताओं का प्रचार जोड़ पकड़ चुका है। यहां 7 दिसंबर को एक ही चरण में 230 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला डॉट कॉम आपको बता रहा है राज्य के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा अजमेर। संवाददाता अभिलाषा पाठक ने लोगों से बात कर यहां हालात का जायजा लिया।
उन्होंने जानने की कोशिश की कि आखिर अजमेर की जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना कि जनता के मन में क्या है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि अजमेर में कैसे हैं जमीनी हालात और किसे जिताने के मूड में है यहां की जनता।
अजमेर में एक बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा कि अजमेर में बहुत विकास हुआ है। उनके मुताबिक क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये की योजनाओं को लागू किया गया।
वहीं एक अन्य बुजुर्ग ने कहा कि अजमेर में कोई विकास नहीं हुआ है। संधि कॉलोनी में काम हुआ। काली कॉलोनी में कोई काम नहीं हुआ है। सड़कों में गड्ढे भरे पड़े हैं।
पुष्कर के रहनेवाले एक किसान ने कहा कि बिजली बिल और 50 हजार का कर्ज माफ हुआ है। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि अजमेर में कांग्रेस और भाजपा दोनों में कड़ी टक्कर है।
एक दुकानदार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बढ़िया काम किया है। खेती किसानी के मुद्दे पर लोगों ने कहा किसानों लाभ हुआ है।
एक व्यक्ति ने कहा कि राज्य सरकार दौलतबाग, महाराणा प्रताप सड़क पर साफ सफाई होती है। उन्होंने कहा कि चुनाव में अभी समय है, बाद में हवा का रूख देखकर तय करेंगे।
मार्केटिंग के एक कर्मचारी ने कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान सरकार नए रोजगार के लिए कुछ नया नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले चुनाव के अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। न तो केंद्र सरकार ने हर व्यक्ति को 15 लाख रुपये देने का वादा पूरा किया, न तो प्रदेश सरकार ने ही अपने चुनावी वादे पूरे किए। इसलिए युवा सरकार के खिलाफ है।
वहीं एक सब्जी का काम करने वाले एक युवा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने काम किए हैं। सड़कें, सफाई, कानून व्यवस्था सब ठीक है। एक बुजुर्ग ने कहा कि विधायक ने अजमेर का उद्धार किया है।
पुष्कर के एक युवा ने बताया कि विधायक सुरेश सिंह रावत व्यक्तिगत तौर पर मदद करते हैँ। बिजली का बढ़ा हुआ ढाई लाख रुपये का बिल आने पर विधायक ने व्यक्तिगत तौर उनसे मिलकर मामले को सुलझाया।
हालांकि एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि विधायक मिलने आते हों लेकिन उनके साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने बताया कि कमला बावड़ी में उनकी संपत्ति पर बनी एक मजार टूटी पड़ी है। मुकदमा जीतने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई जिससे वो वहां मरम्मत करा सकें।
एक शख्स ने कहा कि विधायक मिलने तो नहीं आते लेकिन इलाके में काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार है जिसकी वजह से पैसे बीच में बांट लिए जाते हैं। वहीं एक अन्य बुजुर्ग ने नेताओं के प्रति गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि वे कुछ नहीं बोलेंगे। अब वोट बोलेगा।