राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के लिए बंपर 74.38 फीसदी वोटिंग हुई। पिछले चुनाव की तुलना में यह आधा फीसदी से कुछ ज्यादा है। राज्य के चुनावी आंकड़े बताते हैं कि साल 1993 से साल 2013 तक के विधानसभा चुनावों में कभी एक फीसदी से कम तो कभी 3 से 4 फीसदी ज्यादा वोटिंग होने पर सरकारें बदल गईं हैं।
3.5 फीसदी मतदान बढ़ा, भाजपा- 95 सीटें
3 फीसदी मतदान बढ़ा, कांग्रेस- 153 सीटें
भाजपा सरकार के खिलाफ एंटी इंकम्बेंसी की वजह से वोटिंग में 3 फीसदी का इजाफा हुआ। कांग्रेस ने अब तक की सबसे ज्यादा 153 सीटें जीतीं। कांग्रेस के खाते में 77 सीटों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। भाजपा 62 सीटों के नुकसान के साथ 95 में से सिर्फ 33 सीटें ही बचा पाई।
4 फीसदी मतदान बढ़ा, भाजपा- 120 सीटें
कांग्रेस सरकार के खिलाफ सत्ता विरोध लहर के कारण लगभग 4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 67.18 फीसदी मतदान हुआ। भाजपा ने 87 सीटें के फायदे के साथ 120 सीटें जीतीं। कांग्रेस 97 सीटों के नुकसान के साथ 56 सीटें जीत पाई।
1 फीसदी कम मतदान हुआ, कांग्रेस- 96 सीटें
इस साल पिछले चुनाव की तुलना में करीब एक फीसदी कम यानी 66.49 फीसदी मतदान हुआ। भाजपा को सीटें मिलीं, 42 सीटों का नुकसान हुआ। कांग्रेस ने 30 सीटों के फायदे के साथ 96 सीटें जीतीं।
9 फीसदी मतदान बढ़ा, भाजपा- 163 सीटें
भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया था। मोदी लहर के कारण राज्य में पहली बार 9 फीसदी के इजाफे के साथ मतदान 66 से 75 फीसदी हो गया। भाजपा को 163 सीटों पर जीत हासिल हुई। जबकि कांग्रेस को महज 21 सीटें मिल पाई।