पक्षियों के मौत के तीन बड़े कारण हैं- पहला, जो पक्षी मरे, वो दलदल में दब गए हैं और उनमें कीड़े लगना शुरू हो चुका है। जिन्हें दूसरे पक्षी खाकर मर रहे हैं। पक्षियों की मौत का कारण बर्ड फ्लू नहीं है।
दूसरा, यह घटना 'हाइपर नकट्रेमिया' यानी पानी में सोडियम की अत्यधिक मात्रा होने के कारण नशा होने से हुई। वन विभाग के पास एक्सपर्ट, लैब और संसाधन ही नहीं है।
तीसरा कारण यह है कि जहां घटना हुई है, झील के उस क्षेत्र में पानी काफी लंबे समय से नहीं आया था। नमक काफी गाढ़ा हो गया। इस बारिश में यहां पानी आया तो इससे नमक जहरीला बन गया।