राजस्थान के मंत्री ने ही एक अलग आदिवासी प्रदेश का मुद्दा उठा दिया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मंत्रिमंडल में सबसे वरिष्ठ जनजाति विकास मंत्री नंदलाल मीणा ने चौंकादेने वाला बयान दिया है कि एक अलग आदिवासी स्टेट होना चाहिए। मंत्री होते हुए ऐसा बयान देने सवाल पर वे कहते हैं कि मंत्री होने का मतलब यह नहीं है कि मैने खुद को गिरवी रख दिया है।
मीणा ने कहा कि एसटी की सभी जातियों को मिलाकर आदिवासी बैल्ट बनानी चाहिए, जिसे आदिवासी स्टेट के रूप में जाना जाए। उनके अनुसार वे अपने बयान पर डटे हुए हैं। अनुसूचित जातियों के नेताओं के बीच राजस्थान में मीणा की बड़े नेताओं में गिनती होती है।
आदिवासी क्षेत्रों वाले राजस्थान के डूंगरपुर, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा करीब आधा दर्जन जिलों में उनका दबदबा है। उनका कहना है कि गुर्जर, राजपूत, मीणा समाज सभी आरक्षण या अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं, तो वे अलग राज्य की बात क्यों नहीं कर सकते?