राजसमंद के राजनगर थाना सर्कल स्थित एक लैब में गलत सोनोग्राफी रिपोर्ट देने का मामला सामने आया है। लैब द्वारा दी गई रिपोर्ट में एक गर्भवती महिला की 8 माह तक नॉर्मल बताई गई स्थिति को एक अन्य लैब ने सोनोग्राफी में एबनॉर्मल बताया, जिसके बाद महिला के परिजनों और स्थानीय लोगों ने लैब के बाहर जमकर हंगामा किया।
राजनगर निवासी जय सिंह ने डॉक्टर की सलाह पर अपनी गर्भवती पत्नी कोमल कंवर की लगातार सोनोग्राफी करवाई। लैब द्वारा दी गई रिपोर्ट में हर बार बच्चे को नॉर्मल बताया गया लेकिन 8वें महीने में उदयपुर की एक अन्य लैब में करवाई गई सोनोग्राफी में पता चला कि बच्चे की स्थिति एबनॉर्मल है और डिलीवरी में जटिलताएं हो सकती हैं।
परिजनों ने सवाल उठाया कि जब इस तरह की जटिलता 3 माह के भीतर ही स्पष्ट हो जाती है, तो फिर राजसमंद की लैब द्वारा 8 महीने तक गलत रिपोर्ट क्यों दी गई।
घटना की जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग लैब के बाहर जमा हो गए और लैब संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की मांग की। हंगामे की सूचना पर राजनगर थाना पुलिस और चिकित्सा विभाग के ब्लॉक सीएमएचओ राजकुमार कोलिया भी मौके पर पहुंचे।
लोगों के आक्रोश को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने लैब पर ताला लगा दिया और मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। गर्भवती के पति जय सिंह ने लैब संचालक के खिलाफ राजनगर थाने में लिखित शिकायत दी है। इस शिकायत में लैब की लापरवाही को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
मामले को लेकर चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने लैब की कार्यप्रणाली की जांच के लिए समिति का गठन किया है, जिससे मिली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।