फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hanumangarh: सरसों की सरकारी खरीद की मांग को लेकर महापड़ाव, किसान बोले-हमें उजाड़ने का काम कर रही सरकार

Thu, 16 Mar 2023 07:41 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़

सार

हनुमानगढ़ में अखिल भारतीय किसान सभा ने सरसों की सरकारी खरीद की मांग को लेकर महापड़ाव शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि प्रशासन की नाकामी और लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतान पड़ता है।
विज्ञापन
किसान महापड़ाव - फोटो : Amar Ujala Digital
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हनुमानगढ़ में सरसों की सरकारी खरीद की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा ने महापड़ाव शुरू कर दिया है। जंक्शन स्थित कृषि उपज मंडी समिति ऑफिस के सामने महापड़ाव शुरू करने से पहले जब किसान प्रतिनिधि महासभा के जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा और संयोजक ओम स्वामी के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी सचिव से मिलने जाने लगे तो पुलिस ने उनको अंदर नहीं घुसने दिया। इस पर उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की भी हो गई। इसके बाद किसान अपनी एकजुटता के बल पर कृषि उपज मंडी समिति के अंदर घुसे और नारेबाजी कर विरोध दर्ज करवाया।

विज्ञापन


महापड़ाव को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि प्रशासन की नाकामी कहो या लापरवाही लेकिन इसका खामियाजा किसानों को भुगतान पड़ता है। हनुमानगढ़ जिले में सबसे ज्यादा सरसों का उत्पादन होता है और हर साल 1 या 2 मार्च से सरसों मंडी में आनी शुरू हो जाती है। इसके बाद भी सरकारी खरीद में लापरवाही बरतना किसानों को उजाड़ने की साजिश है।

रात भर मंडी में बैठ रहा किसान
वर्तमान में किसान रात-रात भर अपनी सरसों लेकर मंडी में बैठा है और व्यापारी औने-पौने दामों पर सरसों खरीद कर लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं, जबकि किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। संयोजक ओम स्वामी ने बताया कि महापड़ाव दिन-रात जारी रहेगा। किसान मंडी में सरसों लेकर तो बैठा है, लेकिन अब प्रशासन को भी चैन की नींद नहीं सोने देगा। जब तक सरसों की सरकारी खरीद शुरू नहीं होती है, तब तक यह महापड़ाव जारी रहेगा। 18 मार्च को कृषि उपज मंडी समिति के सामने ही किसान महापंचायत का आयोजन होगा और आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन


गेहूं की फसल पकाने के लिए 28 मार्च तक पानी देने की मांग
उधर, भाखड़ा किसान और संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले बुधवार को किसानों ने भाखड़ा नहर से सिंचाई का पानी देने की मांग को लेकर एक्सईएन से मुलाकात की। किसानों ने एक्सईएन से 28 मार्च तक भाखड़ा नहर से सिंचाई का पानी देने की मांग की ताकि गेहूं की फसल का पकाव हो सके। इस दौरान एक्सईएन ने किसानों को आश्वस्त किया कि 10 मार्च को जो स्थिति थी, वहीं स्थिति बरकरार है। पूरा प्रशासन प्रयास कर रहा है कि 28 मार्च तक किसानों को पूरा पानी मिले, जिससे कि वह अपनी फसल का पकाव कर सके।

एक्सईएन को दिए सुझाव
उन्होंने कहा कि चीफ साहब इसी सिलसिले में जयपुर अधिकारियों से बात करने गए हुए हैं। किसान प्रतिनिधियों ने ज्ञापन देकर पिछले समझौते के अनुसार किसानों को बंदी के दौरान पानी उपलब्ध करवाने की मांग की ताकि किसान समय पर बिजाई कर सके। किसान प्रतिनिधि रायसिंह बंसरीवाला ने एक्सईएन को सुझाव देते हुए कहा कि सरहिंद के कट द्वारा आईजीएनपी में पानी डालकर और पीछे से बंधा लगाकर एवं हेड मेंटेन कर किसानों को बंदी के दौरान पानी दिया जा सकता है। प्रशासन ने किसानों को आश्वस्त किया कि चीफ के आने के बाद किसानों के साथ मिलकर एक और बैठक कर इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा।

किसानों ने दी चेतावनी, पानी नहीं मिला तो आंदोलन होगा
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर 28 मार्च तक किसानों को पूरा पानी नहीं दिया गया तो किसान बड़ा आंदोलन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वार्ता के दौरान किसान प्रतिनिधि रेशम सिंह माणुका,रायसिंह बंसरीवाला,डॉ. सौरभ राठौड़,संदीप सिंह श्रीगंगानगर,सुरेन्द्र शर्मा, रघुवीर वर्मा,मनिंदर सिंह मान,जसपाल सिंह,चरनप्रीत सिंह,गुरु जीवन सिंह,कुलदीप सिंह,राजवीर सिंह ढिल्लों,तरसेम सिंह,भोला सिंह,बीके अध्यक्ष गोपाल राम सहित अन्य किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें