फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बागी जसवंत के चुनाव प्रचार में उतरे पाकिस्तानी नेता

विज्ञापन
विज्ञापन
भारत के बॉर्डर पर चुनाव हो और पाकिस्तान की नजरें न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। पाकिस्तान के लिए बाड़मेर सीट काफी हॉट है। यहां से खड़े होने वाले प्रत्याशियों को लेकर वहां भी उत्सुकता रहती है और जब बात जसवंत सिंह की हो, तो सीमापार वालों की रुचि और बढ़ जाती है।
विज्ञापन


पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र के धार्मिक नेता पीर पागारो भी जसवंत सिंह के प्रचार में जुट गए हैं। इधर, पाकिस्तान की सीमा से सटे राजस्थान के जैसलमेर जिले के बहुचर्चित हिस्ट्रीशीटर गाजी फकीर ने कांग्रेस के प्रचार की कमान सम्भाल ली है।

गाजी फकीर का बार्डर के नजदीकी जिलों बाड़मेर-जैसलमेर में रहनेवाले अल्पसंख्यकों में खासा प्रभाव है। सिंधी मुसलमान गाजी फकीर को धर्म गुरु के तौर पर मान्यता देते हैं।
विज्ञापन

पाकिस्तान में है जसवंत के बेटे मानवेंद्र की ससुराल

पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह के पुत्र विधायक मानवेन्द्र सिंह की ससुराल पाकिस्तान में हैं। साथ ही और भी कई छोटी-बड़ी रिश्तेदारियां सीमा पार हैं। ऐसे में पीर पागारो के प्रति भारतीय सीमा के भीतर बाड़मेर-जैसलमेर जिलों के कई लोगों की भारी आस्था है।

जानकारी के अनुसार पीर पागरो एक धार्मिक पद है। सैय्यद सिब्बगतुल्लाह शाह रशीद मौजूदा पीर पागारो हैं। ब्रिटिश काल में इनके नेतृत्व में हुर आंदोलन चला था। विभाजन के बाद इनके हजारों अनुयायी भारत में रह गए।

सूत्रों के अनुसार भाजपा के बागी उम्मीदवार जसवंत सिंह की ऐसे वोटों पर अच्छी पकड़ है, जो पीर पागारो व वहां के रिश्तेदारों के कहने से बाड़मेर सीट पर मत डालते हैं।

मानवेन्द्र सिंह के बुआ ससुर राणा हमीर सिंह पाकिस्तान के बड़े नेता है। साली की शादी पाकिस्तान में हुई है। साथ ही, भाई रिश्तेदारों की शादियां भी वहीं हुई हैं।
विज्ञापन

कांग्रेस ने भी हिस्ट्रीशीटर गाजी फकीर से मिलाया हाथ

पाकिस्तान की सीमा से सटे राजस्थान के जैसलमेर जिले के बहुचर्चित हिस्ट्रीशीटर गाजी फकीर राजस्थान की राजनीति में फिर सक्रिय हो गया है। लोकसभा चुनाव में वह कांग्रेस के उम्मीदवार हरीश चौधरी का प्रचार कर रहा है। गाजी फकीर पर भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर होने वाली तस्करी और असामाजिक गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप हैं। यहां अल्पसंख्यक मतदाताओं पर गाजी फकीर का बड़ा प्रभाव है।

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस ने मारवाड़ क्षेत्र में चुनाव में उसका फायदा लेने के लिए इन दिनों गाजी फकीर से अपनी नजदीकियां बढ़ा ली हैं।

हालांकि करीब 85 वर्ष का होने के कारण अधिक चल-फिर नहीं सकता, लेकिन इस बार गाजी फकीर के कांग्रेस के प्रचार को लेकर कहे शब्द उनके पुत्र पूर्व विधायक शाले मोहम्मद व दूसरा पुत्र जिला प्रमुख रहे अबदुल्ला फकीर समाज में पहुंचा रहे हैं।

मारवाड़ में माना जाता है कि गाजी जिसके भी समर्थन करने के लिए अल्पसंख्यकों को बोल देता है, उसे एकतरफा मत मिलते हैं।

राजस्थान की पिछली कांग्रेस सरकार ने गाजी की हिस्ट्रीशीट खोलने के 48 घंटे के भीतर पुलिस अधीक्षक पंकज चौधरी का तबादला कर दिया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें