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Rajasthan: पायलट के आरोपों को राठौड़ ने बताया बेबुनियाद, कहा- कांग्रेस सरकार के काले कारनामों पर बोलें

Sun, 09 Apr 2023 09:31 PM IST
नीरज शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने सियासी पलटवार कर कहा-सचिन पायलट को पिछले भाजपा शासन
पर अनर्गल आरोप लगाने की बजाय अपनी ही कांग्रेस सरकार के 4 साल 4 महीने के कार्यकाल में
हुए भ्रष्टाचार के मामलों की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठानी चाहिए थी।
 
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राजेन्द्र राठौड़ बोले-दुर्भाग्य है पायलट ने कांग्रेस सरकार के काले कारनामों पर एक शब्द नहीं बोला - फोटो : फाइल फोटो।
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विस्तार
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पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रहे सचिन पायलट के प्रेसवार्ता बुलाकर पिछली वसुंधरा सरकार पर भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप लगाते हुए जांच की मांग करने पर बीजेपी की ओर से विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने सियासी पलटवार किया है। राठौड़ ने कहा कि सचिन पायलट को पूर्ववर्ती भाजपा शासन पर अनर्गल आरोप लगाने की बजाय अपनी ही कांग्रेस सरकार के 4 साल 4 महीने के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठानी चाहिए थी। लेकिन दुर्भाग्य रहा कि उन्होंने अपनी ही सरकार के काले कारनामों पर एक शब्द भी नहीं बोला।
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सीएम और पूर्व डिप्टी सीएम के बीच अंतर्कलह बढ़ी
 
राठौड़ बोले-मुख्यमंत्री और पूर्व उपमुख्यमंत्री के बीच की अंतर्कलह इस कदर बढ़ी हुई है कि अब पायलट अपनी ही सरकार के खिलाफ 11 अप्रैल को जयपुर में शहीद स्मारक पर अनशन पर बैठेंगे। गहलोत शासन में प्रत्येक विभाग और योजना में ऊंचे से लेकर निचले लेवल तक भ्रष्टाचार का तांड़व है। अच्छा रहेगा कि हर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के नामजद एक-एक मिनी मुख्यमंत्री के कारनामों की भी जांच कराई जाए, ताकि भ्रष्टाचार की हकीकत प्रदेश की जनता को पता चल सके।
 
अडानी ग्रुप को कोयला खरीद मंजूरी में भ्रष्टाचार की जांच की मांग उठाएं पायलट- नेता प्रतिपक्ष
 
राठौड़ ने कहा कि अडानी ग्रुप को RTPP एक्ट की धज्जियां उड़ाते हुए सिंगल टेंडर के जरिए 1042 करोड़ रुपए से अब तक का सबसे महंगा 5.79 मिलियन टन कोयला खरीदने की मंजूरी देने के मामले में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग भी पायलट को करनी चाहिए। साथ ही निजी विद्युत उत्पादनकर्ताओं से महंगी बिजली खरीद घोटाला हो या जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम ने 1 लाख 4 हजार कृषि कनेक्शन टर्नकी प्रोजेक्ट पर देने के लिए 1600 करोड़ का भ्रष्टाचार कर 6 बार निविदाओं की शर्तों में मनमाफिक बदलाव कर जो चांदी कूटी, उसकी भी जांच होनी चाहिए।
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78 फीसदी लोगों ने माना गहलोत सरकार में बिना रिश्वत काम नहीं- राठौड़
 
राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के जन घोषणा पत्र के पेज नम्बर 36 के बिन्दु संख्या 28 में किए गए जीरो डिस्क्रेश, जीरो करप्शन एंड जीरो टोलरेंस का वादा तब मिट्टी में मिल गया, जब ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल सर्वे में 67 फीसदी और इंडिया करप्शन सर्वे 2021 और ट्रेस रिश्वत जोखिम मैट्रिक्स 2021 के सर्वे में 78 फीसदी लोगों ने यह माना है कि गहलोत सरकार में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता। इन सर्वे में राजस्थान को सर्वाधिक भ्रष्ट किन आधारों पर माना है, पायलट जी को इसकी भी जांच की मांग उठानी चाहिए। राठौड़ ने कहा राजस्थान में भ्रष्टाचा की गंगा इस कदर बह रही है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद पीडब्ल्यूडी विभाग में भ्रष्टाचार को स्वीकारते हुए कह कि अधिकारियों और ठेकेदारों के गठजोड़ से राजस्थान की सड़कें बर्बाद हुई हैं। वहीं शिक्षक सम्मान समारोह में भई मुख्यमंत्री के सामने शिक्षकों ने ट्रांसफर में रिश्वत लेने की बात कहकर सरकार के जीरो टोलरेंस की पोल खोली थी।
 
जल जीवन मिशन में राजस्थान में 10 हजार करोड़ रुपए के वर्क टेंडर में गड़बड़झाला
 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत राजस्थान में हो रहे 10 हजार करोड़ रुपए के कार्यों के टेंडर में गड़बड़झाले की भी जांच की मांग पायलट को उठानी चाहिए। साथ ही पोषाहार वितरण घोटाले, सांगोद में वरिष्ठ कांग्रेसी विधायक और पूर्व मंत्री भरत सिंह कुंदनपुर की ओर से अवैध खनन घोटाले के लगाए गए आरोप हों, इनकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
 
पीएम केयर फंड से आवंटित वेंटिलेटर्स को प्राइवेट अस्पतालों को देने में भ्रष्टाचार
 
रा़ठौड़ ने कहा- कोरोना पीरियड में भरतपुर में पीएम केयर फंड से अलॉट वेंटिलेटर्स को प्राइवेट हॉस्पिटल्स को देने में भ्रष्टाचार, रेपिड एंटीजन टेस्ट किट की खरीदी में भ्रष्टाचार, खरीदी गई नेगेटिव प्रेशर एम्बुलेंस की निविदा प्रक्रिया में भ्रष्टाचार पर भी पायलट को मुखरता से आवाज उठाकर इन मामलों की भी जांच की मांग करनी चाहिए। दुर्भाग्य है कि उन्होंने ही कांग्रेस सरकार के काले कारनामों पर एक शब्द भी नहीं बोला। पायलट को कांग्रेस सरकार के मौजूदा कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठानी चाहिए।
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