सभा में उमड़ी हजारों लोगाें की भीड़।
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राज्य में भाजपा सरकार को वापस लाना होगा
मोदी बोले- राजस्थान के लोगों ने बीजेपी को प्रेम दिया है। लेकिन मुझे अफसोस हुआ है कि बीते 4-5 सालों से राजस्थान में डबल इंजन की सरकार लगी होती, तो यहां का विकास कितना तेज होता। कांग्रेस राज में चीजों को अटकाने, लटकाने और भटकाने का काम होता है, विकास योजनाएं पटक भी दी जाती है। ना ये लोग खुद काम करते हैं, ना करने देते हैं। कानून व्यवस्था की स्थिति हर दिन खराब होती जा रही है। बीते कुछ दिनों से जिस तरह की खबरें आ रही हैं, उनका संदेश एक ही है यहां की संस्कृति, परम्परा, गौरव को बचाना है, तो राज्य में भाजपा सरकार को वापस लाना ही होगा।
स्वदेश दर्शन के लिए राजस्थान में काम
पीएम मोदी ने कहा- हमने स्वदेश दर्शन के लिए भी राजस्थान में काम किया गया है। मेहंदीपुर बालाजी और धौलपुर में मचकुंड का भी विकास बीजेपी सरकार ने किया है। बीजेपी की प्राथमिकाओं में धार्मिक स्थलों का विकास है। गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी, रेहड़ी-ठेले वाले, सांसी, बंजारा, किसान, घुमंतु हर वर्ग का हमने ध्यान रखा है। गरीब परिवारों को पहली बार शिक्षा और सरकारी नौकरियों में हमने आरक्षण दिया है। ओबीसी वर्ग को संवैधानिक सुरक्षा मिले इसका व्यवस्था की है।
गरीब मां भी अपने बच्चों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाने के सपने देख सकती है
मोदी बोले- मेडिकल, इंजीनियरिंग, टेक्नीकल पढ़ाई सिर्फ अंग्रेजी में होने के कारण गांव, गरीब, पिछड़े आदिवासी युवा पहले पीछे रह जाते थे, वंचित रह जाते थे। भाषा के कारण उनका विकास रुक जाता था। इसलिए हमने स्थानीय भाषा में भी पढ़ाई कराने पर बल दिया है। उसके कारण आज गरीब मां भी अपने बच्चों को डॉक्टर इंजीनियर बनाने के सपने देख सकती है। बंजारा, घुमंतु, अर्द्धघुमंतु के लिए विशेष बोर्ड बनाने का काम भी हमारी ही सरकार ने किया। पीएम विश्वकर्मा योजना लेकर आए हैं, यही सबका साथ, सबका विकास ही हमारी राष्ट्र नीति है। राजस्थान के बगरू और सांगानेर की ब्लॉक प्रिंटिंग के दस्तकार भाई बहन, सुनार, लुहार, सुथार, जूते और मोजड़ी बनाने वाले दस्तकार, लाख और चूड़ियां बनाने वाले, बणी-ठणी चित्रकारी करने वाले चित्रकार, कोटा डोरिया साड़ी, टोंक के नमदा-गमदा गलीचे वाले दस्तकार, सिकंदरा के मूर्तिकार भाई बहनों सभी को पीएम विश्वकर्मा योजना से बहुत बड़ा लाभ होने वाला है।
बाजरे की रोटी का स्वाद हमेशा याद रहता है
मोदी ने कहा- जब मैं दौसा आता हूँ तो आपकी मेहमान नवाजी महत्वपूर्ण रहती है। मुझे बाजरे की रोटी का स्वाद हमेशा याद रहता है। हमारे देश में बाजरे को मोटा अनाज कहकर निम्न भाव से देखा जाता था। लेकिन ये मोटा अनाज को हमने नई पहचान दी है। अब मोटा अनाज के हिंदुस्तान के इन उत्पादों को श्री अन्न नाम से जाना जाएगा। आगे हम दुनिया के बाजार में पहुंचना चाहते हैं। राजस्थान के सूखा प्रभावित मेरे छोटे किसानों को फायदा मिलने वाला है।
अंडमान के टापुओं का नाम- पीरू द्वीप, शैतान सिंह द्वीप
मोदी ने कहा- राजस्थान को बीते सालों में केंद्र की एक और प्राथमिकता का लाभ मिला है, यह राष्ट्रीय सुरक्षा की है। पिछले 9 सालों में हमने सैनिकों की सुरक्षा से लेकर सम्मान तक हर स्तर पर काम किया है। वन रैंक और वन पेंशन का लाभ राजस्थान के सैनिक परिवारों को मिल रहा है। सैनिकों के सम्मान के लिए बीजेपी सरकार ने एक और काम किया है। हमने हाल ही में अंडमान नीकोबार में द्वीपों के नाम हमारी सेना के वीरों के नाम पर रखे हैं। जिन वीरों ने अपने पराक्रम से शौर्य किया, जो परमवीर चक्र विजेता थे, देश के लिए जीने मरने वाले इन वीर सैनिकों के नाम पर अंडमान निकोबार के टापुओं के नाम रख दिए हैं। झुंझुनूं के पीरू सिंह के नाम पर पीरू द्वीप है। जोधपुर के शैतान सिंह के नाम पर भी एक शैतान सिंह द्वीप है। राजस्थान के इन पराक्रमी शहीदों से अंडमान जाने वाला हर व्यक्ति एक नई प्रेरणा लेकर आएगा।
कांग्रेस सरकारें बॉर्डर के शहरों के विकास से डरती थीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- कांग्रेस सरकारें सीमावर्ती जिलों और शहरों का इसलिए विकास नहीं करती थीं। क्योंकि वो डरती थीं, ये पार्लियामेंट में उन्होंने बोला है कि हम सीमा पर रास्ते सड़कें बना देंगे तो हमारी सड़कों पर दुश्मन चला आएगा, तब क्या होगा ? मोदी बोले- मुझे समझ में नहीं आता कि कांग्रेस को हमारे सैनिकों का शौर्य कम क्यों लगता है। सीमाओं पर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना उनको बखूबी आता है। सीमा के पास गांवों में भी विकास के कामों में हमारी सरकार तेजी ला रही है।
इंफ्रस्ट्रक्चर डवलपमेंट से उद्योगों को बल मिलता है
पीएम ने कहा- सड़क, रेल पटरी, एयरपोर्ट, पोर्ट जब से सब बनते हैं, तो इससे सैकड़ों उद्योगों को बल मिलता है। इसमें सीमेंट, रेत, बजरी, लोहा, मशीनें क्या कुछ नहीं लगता है। इससे जुड़े उद्योगों में नौकरी लगती हैं, दुकानों में नौकरी लगती है। इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में इंजीनियर, श्रमिक लगते हैं। युवाओं को ढेर सारे रोजगार के अवसर उपलब्ध हो जाते हैं। जहां ये प्रोजेक्ट बन रहे होते हैं, उसके आसपास मेंटीनेंस, रिपेयर और दूसरी सुविधाओं की मांग भी बढ़ती है। इससे भी स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ते हैं। स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर व्यापार को बल देता है।