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Rajasthan: सीकर कलेक्ट्रेट सभागार में भिड़े PCC चीफ डोटासरा और विधायक पारीक, नोंक झोंक का वीडियो वायरल

Mon, 29 May 2023 04:17 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर

सार

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक भिड़ गए। दोनों के बीच जमकर तू-तू , मैं-मैं हुई। राजेंद्र पारीक सीकर सीट से और गोविंद सिंह डोटासरा सीकर जिले की लक्ष्मणगढ़ सीट विधायक हैं। इसलिए यह दोनों विधायक बैठक में मौजूद थे। मंत्री शकुंतला रावत प्रभारी मंत्री के तौर पर बैठक ले रही थीं।
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गोविंद सिंह डोटासरा और राजेंद्र पारीक दोनों एक दूसरे पर अंगुलियां उठाते हुए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और विधायक राजेंद्र पारीक सीकर में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री शकुंतला रावत और जिला कलेक्टर के सामने ही भिड़ गए। दोनों में जमकर ज़ुबानी जंग हुई।

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डोटासरा ने विधायक राजेंद्र पारीक को कहा-आप खुदको सीकर कहते हो, कि मैं ही सीकर हूं। आप कुछ नहीं हो, केवल नेता हो, जैसे हम हैं। आपने पूरे सीकर का ठेका ले लिया है क्या, कि ये बनेगा, ये नहीं बनेगा। आपने ठेका नहीं लिया है। अपनी सीमा में रहो। तो पलटवार करते हुए राजेंद्र पारीक भी बोले- हां मैं सीकर हूं, मैं ही सीकर हूं। आपको शर्म आनी चाहिए और आप सीमा में रहो। पारीक बोले-अगली बार मुझे ऐसे लोगों के साथ मीटिंग में मत बुलाना।



क्या है पूरा मामला ?
सीकर कलेक्ट्री सभागार में प्रभारी मंत्री शकुंतला रावत की मौजूदगी में सोमवार को विभागीय रिव्यू बैठक चल रही थी। इसी दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक राजेंद्र पारीक और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा में पहले से चली आ रही खींचतान खुलकर सामने आ गई।
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दरअसल, नवलगढ़ रोड पर जलजमाव की बड़ी समस्या है। क्षेत्र के लोग महीने भर तक धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं और सरकार को ज्ञापन भी दे चुके हैं। गोविंद सिंह डोटासरा का निवास क्षेत्र भी उसी इलाके में आता है। स्थानीय लोग बार-बार पीसीसी चीफ डोटासरा और प्रभारी मंत्री शकुंतला रावत को ज्ञापन देते हैं। 

नवलगढ़ रोड पर पुल और सड़क बनाने का कार्य 2022 से अटका पड़ा है। इसमें रेलवे भी इंवॉल्व है। क्योंकि रेलवे लाइन वहां से जा रही है और पुल चौड़ा करने के लिए विस्तार करने के लिए रेलवे की अनुमति जरूरी है। प्रभारी मंत्री शकुंतला रावत और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा पीडब्ल्यूडी के सुप्रींटेंडेन्ट इंजीनियर और एक्सईएन से जवाब मांग रहे थे कि आप कोआर्डिनेशन करके ये विकास कार्य शुरू क्यों नहीं करवाते हो। 

इस पर विधायक राजेंद्र पारीक पीडब्ल्यूडी अफसरों का पक्ष लेते हुए डोटासरा पर भड़क गए और कहने लगे कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं। नियम अनुसार ही काम कर रहे हैं। हमारे क्षेत्र के अफसर सही काम कर रहे हैं। उन्हें डांटने की जरूरत नहीं है। इस पर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा नाराज हो गए और उन्होंने राजेंद्र पारीक को कह दिया कि आपने पूरे सीकर का ठेका ले रखा है क्या ? दोनों के बीच जरा सी बात पर बात बिगड़ गई। डोटासरा ने राजेंद्र पारीक को सबके सामने ही खरी-खोटी सुना दी। 

डोटासरा ने कहा- पारीक जी आप सीकर नहीं हो, केवल एक नेता हो, अपने ठेका ले लिया क्या सीकर का ? सब कुछ थारी मर्जी से कौनी हो सके । आप वरिष्ठ हो अपनी सीमा में रहो। इस दौरान प्रभारी मंत्री शकुंतला रावत दोनों वरिष्ठ नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील करती नजर आईं, लेकिन दोनों एक दूसरे पर अपनी भड़ास निकालते रहे। पलटवार करते हुए भरी मीटिंग में विधायक राजेंद्र पारीक भी बोले कि हां मैं ही सीकर हूं। उन्होंने डोटासरा को कहा आपको शर्म आनी चाहिए। अफसरों से कहा- मुझे ऐसे लोगों के साथ आगे से मीटिंग मत में मत बुलाया करो।

क्या है विवाद की असल जड़ ?
गोविंद सिंह डोटासरा और राजेंद्र पारीक दोनों सीकर जिले से विधायक हैं। राजेंद्र पारीक वरिष्ठ विधायक हैं। पूर्व में मंत्री भी रहे हैं, लेकिन इस बार मंत्रिमंडल में उन्हें सीएम ने जगह नहीं दी। सीकर से डोटासरा का नंबर पहले मंत्रिमंडल में और बाद में पीसीसी चीफ के तौर पर आ गया। डोटासरा पारीक से जूनियर हैं। अब राजेंद्र पारीक को ये बात खटकती रहती है। इसलिए उनके मन का गुबार कभी कभी बाहर आ जाता है। लेकिन अब ये दोनों नेता प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में  अगली बार किसी बैठक में साथ बैठेंगे या नहीं ये बड़ा सवाल है। और कांग्रेस पार्टी के इन दो विधायकों की जुबानी जंग का विधानसभा चुनाव में जनता पर कितना असर पड़ेगा, यह भी देखने लायक बात रहेगी।

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