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Rajasthan Budget Session: गवर्नर स्पीच से पहले गूंजा पेपर लीक मुद्दा, गहलोत बोले- भाजपा ने किया सदन का अपमान

Mon, 23 Jan 2023 10:04 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान

सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी ने विधानसभा सदन में गवर्नर की स्पीच में हल्ला किया इसकी मैं भर्त्सना करता हूं। नेता प्रतिपक्ष सोच कर ही आए थे कि यह सरकार का आखिरी बजट सत्र है और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक नहीं पहुंचने देना है। 
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राजस्थान विधानसभा सदन बजट सत्र - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा सदन की शुरुआत के साथ पहला ही दिन हंगामेदार रहा। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने सबसे पहले पेपर लीक का मुद्दा उठाया, तो मामले की सीबीआई जांच की मांग पर विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी कर दी। इसके बाद आरएलपी के विधायक भी वेल में आ गए। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग तख्ती लेकर विधानसभा सदन की वेल में पहुंच गए। उन्होंने पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग उठाई। आरएलपी के तीनों विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विरोध जताया। विधानसभा अध्यक्ष के टोकने के बावजूद जब वह सीटों पर नहीं गए, तो मार्शल के जरिए उन्हें बाहर भिजवा दिया गया।

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पेपर लीक मामले पर विधानसभा में विपक्ष ने किया हंगामा
राजस्थान विधानसभा सदन में राज्यपाल कलराज मिश्र के अभिभाषण के दौरान बीजेपी के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। राज्यपाल का अभिभाषण शुरू होने से पहले ही नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया सदन में अपनी सीट से खड़े हुए, उन्होंने कहा कि राजस्थान में पेपर लीक होने के कारण 50 लाख बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है, उसकी चिंता कौन करेगा ? इस पर चर्चा होनी चाहिए।

कांग्रेस ने राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया
मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण से पहले कोई विषय सदन में चर्चा के लिए नहीं लाया जाता है। इसलिए यह गलत मांग उठाई जा रही है। नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने कहा कि क्या केवल सरकार की उपलब्धियों को ही अभिभाषण में पढ़वाना है ? उन बच्चों के भविष्य पर भी चिंता करनी होगी। विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने भी नेता प्रतिपक्ष को टोका ऑक्ट अभिभाषण डिस्टर्ब नहीं करने को कहा। इस पर राज्यपाल कलराज मिश्र ने अभिवाचन पढ़ना शुरू कर दिया। दूसरी ओर विपक्ष के विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। बीजेपी के विधायक पेपर लीक की सीबीआई जांच की मांग को लेकर सदन में नारेबाजी करते रहे। अभिभाषण के बाद राष्ट्रगान शुरू होने के बाद भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा, जिसे कांग्रेस ने राष्ट्रगान का अपमान बताया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने
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राजस्थान विधानसभा सदन की बैठक 24 जनवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
 

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सतीश पूनिया और सीएम अशोक गहलोत - फोटो : Amar Ujala Digital
मैं बीजेपी की भर्त्सना करता हूं : गहलोत
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सीएम अशोक गहलोत ने मीडिया से रूबरू होकर कहा कि बीजेपी ने सदन में गवर्नर की स्पीच को नहीं होने दिया। नाटक और हो हल्ला किया मैं इनको कंडेम करता हूं। गहलोत ने कहा कि सरकार की उपलब्धियों से बीजेपी की हवा निकल जाती है। गवर्नर जो स्पीच पढ़ते हैं, वह परंपरा है, क्योंकि वह सरकार की साल भर की जो उपलब्धियां रही हैं उन्हें पढ़कर सुनाते हैं। बीजेपी के विधायक साल भर में यह साहस नहीं जुटा पाए कि कुछ बोल सकें। बीजेपी वालों की हिम्मत नहीं थी कि बैठकर राज्यपाल को सुनते, इसलिए यह सब नाटक किया गया। उनमें दम नहीं है।

कांग्रेस सरकार की उपलब्धियां जनता के सामने नहीं आए यह नेगेटिव सोच
गहलोत बोले जहां तक पेपर लीक का सवाल है, पेपर लीक की चिंता विपक्ष से ज्यादा हमें है। क्योंकि अगर हम लोग युवाओं को नौकरी नहीं लगाते, तो अलग बात थी। नौकरियां हम इतनी लगा रहे हैं कि हिंदुस्तान के किसी राज्य में नहीं लग रही हैं। वो यह बात जानते हैं कि राजस्थान में अच्छी नौकरियां लग रही हैं, मतलब सरकार की उपलब्धि सामने आएगी। साढ़े तीन लाख नौकरियां किसे कहते हैं ? इससे घबराकर बीजेपी नेता सदन का ध्यान डाइवर्ट कर रहे हैं। वह जानबूझकर नाटक कर रहे हैं। गहलोत बोले पेपर लीक तो  सब राज्य में हो रहा है। जहां बीजेपी की सरकार हैं, उन सब राज्यों में पेपर लीक हो रहा है। आर्मी, डीआरडीओ और तो और हाईकोर्ट के अंदर भी पेपर लीक हो रहा है, वह अलग मामला है।

जानबूझकर किया गया हंगामा
गहलोत ने कहा कि जो घोषणा हमने की, उसका लाभ जनता तक नहीं पहुंचे इसलिए जानबूझकर बीजेपी के लोगों ने हंगामा किया। लेकिन इसका मुकाबला भी हमें और हमारी पार्टी को ही करना होगा। हमने तो पेपर लीक करने वाले लोगों को जेल में भेज दिया, नौकरी से बर्खास्त कर दिया, जिन छात्रों ने बेईमानी और बदमाशी कि उनको एग्जाम से डिबार कर दिया। सब कुछ सरकार ने किया है। विपक्ष के जेहन में यह सब बातें हैं इसलिए कहने को इनके पास कुछ नहीं है। इसलिए आज गवर्नर साहब की स्पीच को नहीं होने दिया। नेता प्रतिपक्ष सबसे पहले खड़े हुए वह सोच कर ही आए थे कि हमें क्या करना है ? सरकार का लास्ट बजट है इसलिए किसी तरह धमाल पट्टी की जाए। जनता में प्रदेश कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों को मैसेज नहीं जाए, यह इनकी पूरी चाल है। चुनाव तक यह उपलब्धियां समाज और जनता के सामने नहीं आए इसी षड्यंत्र में बीजेपी के लोग लगे हुए हैं। यह जो इनकी सोच है वह बहुत नेगेटिव सोच है।

धारीवाल और डोटासरा का आरोप
संसदीय कार्य मंत्री शांति कुमार धारीवाल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी बीजेपी और विपक्ष के विधायकों पर विधानसभा सदन में राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा बीजेपी घबराई हुई है। प्रदेश कांग्रेस सरकार ने पिछले चार साल में जो काम किए हैं, जो उपलब्धियां सरकार के रहीं,वह जनता के सामने नहीं आए। इसलिए बौखलाहट में बीजेपी ने सदन में हंगामा किया है। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा करना गलत परंपरा है। रीट पेपर लीक मामले में हम भी चाहते हैं कि जांच हो और जांच हो रही है, आरोपियों को बख्शा नहीं जा रहा है। सीबीआई जांच की मांग आज बीजेपी कर रही है, लेकिन अब तक जो मामले सीबीआई में मामले राजस्थान से गए, उनका क्या रिजल्ट निकला पहले बीजेपी यह बताएं।

भ्रष्टाचार और पेपर लीक की जांच नहीं करवाना चाहती सरकार
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और मुख्य प्रवक्ता विधायक रामलाल शर्मा ने विधानसभा के बाहर मीडिया से रूबरू होकर कहा कि जहां तक राष्ट्रगान के अपमान की बात है, पार्टी विधायकों ने अपमान नहीं किया है। राष्ट्रगान के वक्त बीजेपी के विधायकों को जब जानकारी लगी तो वे सीधे खड़े हो गए और राष्ट्रगान गा रहे थे। प्रदेश कांग्रेस सरकार मुद्दों से भागना चाह रही है। रीट पेपर लीक की सीबीआई जांच की मांग की गई है। सरकार नहीं चाहती कि इसकी जांच हो, क्योंकि इसकी जांच होगी तो सरकार की पोल खुलेगी। भ्रष्टाचार में लिप्त बड़े लोगों का खुलासा होगा। इसलिए सरकार बच रही है, लेकिन बीजेपी इस मुद्दे पर सरकार को छोड़ेगी नहीं।

आरएलपी के तीन विधायक एक दिन के लिए निलंबित
विधानसभा अध्यक्ष ने तीनों विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया है। सदन में वेल में आकर हंगामा करने पर विधायक नारायण बेनीवाल, पुखराज गर्ग और विधायक इंद्रा को निलंबित कर दिया गया।
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