राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच लगातार गहराती जा रही है। सोमवार को एसओजी ने पेपर लीक माफिया अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को कोर्ट में पेश कर 5 दिन की रिमांड पर लिया। अब जांच एजेंसी उसे RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा और उसके भांजे विजय डामोर के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।
एसओजी सूत्रों के अनुसार, तीनों आरोपियों से संयुक्त पूछताछ में पेपर लीक नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को लेकर बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि लीक पेपर किन-किन उम्मीदवारों तक पहुंचाया गया और इसके बदले कितनी रकम वसूली गई।
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जांच में सामने आया है कि स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2022 (कृषि विज्ञान) का पेपर कथित तौर पर 60 लाख रुपए में बेचा गया था। आरोप है कि RPSC के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा ने परीक्षा का पेपर अपने सरकारी आवास पर मंगवाया और उसे अपने भांजे विजय डामोर से रजिस्टर में लिखवाया। बाद में यही पेपर अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को सौंपा गया।
एसओजी के मुताबिक शेर सिंह मीणा ने पेपर की कई प्रतियां तैयार कर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाईं। इनमें विनोद रेवाड़, भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका जैसे नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इन लोगों ने परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को पेपर उपलब्ध करवाकर करोड़ों रुपए की उगाही की।
एसओजी अब उन अभ्यर्थियों की सूची भी तैयार कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर पेपर खरीदकर परीक्षा दी थी। जांच एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं।