1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सोढ़ा परिवार के ठाकुर पदम सिंह सोढ़ा भारत स्थित ग्राम पंचायत छाछरो (बावड़ी कल्ला) के प्रथम सरपंच निर्वाचित हुए हैं। ठाकुर लक्ष्मण सिंह सोढ़ा के छोटे भाई पदम सिंह की इस जीत के बाद पूरे क्षेत्र में उनके परिवार का योगदान फिर चर्चा का विषय बन गया है।
पारंपरिक गीतों के साथ मनाया जीत का जश्न
चुनावी नतीजे घोषित होते ही ग्रामीणों ने छाछरो के पुराने रियासतकालीन गीत गाकर अपनी खुशी जाहिर की। भाजपा नेता मानवेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पदम सिंह सोढ़ा की जीत की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छाछरो के ठाकुर लक्ष्मण सिंह सोढ़ा के छोटे भाई पदम सिंह अब ग्राम पंचायत की कमान संभालेंगे।
1971 के युद्ध में सोढ़ा परिवार की भूमिका
सोढ़ा परिवार का इतिहास 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से जुड़ा रहा है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, युद्ध के दौरान परिवार ने ब्रिगेडियर महाराजा भवानी सिंह के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस अभियान में भारतीय सेना को मिली सफलता के संदर्भ में परिवार के योगदान का उल्लेख किया जाता है।
इसी युद्ध में वीरता के लिए महाराजा भवानी सिंह को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। सोढ़ा परिवार का ऐतिहासिक जुड़ाव और सार्वजनिक जीवन में उसकी भूमिका आज भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सिंध की राजनीति से भी रहा परिवार का नाता
सोढ़ा परिवार का संबंध राजनीति और प्रशासनिक क्षेत्र से भी रहा है। खबर में दी गई जानकारी के अनुसार, परिवार के दादा ठाकुर अखेराज सिंह सिंध विधानसभा के पहले विधायक बने थे। इस तरह परिवार का इतिहास सीमावर्ती क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि से भी जुड़ा रहा है। पदम सिंह सोढ़ा के छाछरो (बावड़ी कल्ला) ग्राम पंचायत के प्रथम सरपंच निर्वाचित होने के साथ परिवार की यह ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एक बार फिर चर्चा में आ गई है।