राजस्थान में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में तीन जिलों से पकड़े गए नौ लोगों में से तीन की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह तीनों आरोपी आईएसआई से जुड़े हुए थे। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने यहां से सिम खरीदकर भी पाकिस्तान भेजीं थीं। आरोपियों से पूछताछ में साउथ दिल्ली में रहने वाले एक शख्स की जानकारी भी सामने आई है। वह पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भारतीय सेना की खूफिया जानकारी भेज रहा था।
बता दें कि करीब एक हफ्ते पहले ऑपरेशन सरहद अभियान के तहत राजस्थान इंटेलिजेंस और मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम ने आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप जोधपुर, जैसलमेर और पाली जिले से नौ लोगों को हिरासत में लिया था। जांच एजेंसियां पकड़े गए सभी आरोपियों पूछताछ कर रहीं थीं। अब तक की जांच में तीन आरोपियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आरोपी आईएसआई के दहशतगर्दों के संपर्क में थे और लगातार भारतीय सेना से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान भेज रहे थे।
जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ में साउथ दिल्ली में रह रहे एक व्यक्ति के बारे में भी जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी के अधिकारी हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रहे हैं। पकड़ा गया व्यक्ति पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आया था। वह लगातार आईएसआई के संपर्क में था और यहां से भारतीय सेना से जुड़ी जानकारियां पाकिस्तान भेज रहा था। बताया जा रहा है कि पूछताछ के बाद और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
आम नागरिक हैं सभी आरोपी
जानकारी के अनुसार प्रदेश के तीनों जिले से पकड़े गए सभी संदिग्ध आम नागरिक हैं। कोई दूध डेयरी चलाता है तो कई सब्जी बेचने जैसे अन्य काम करता है, लेकिन संदिग्ध गतिविधियों के कारण इंटेलिजेंस ने उन्हें सर्विलांस पर रखा था। जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था।