बीकानेर में किसान मेले का समापन।
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शिक्षा मंत्री डॉक्टर बी डी कल्ला ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था कृषि और पशुपालन पर आधारित है। किसानों को अन्नदाता कहा जाता है। किसान जितने समृद्ध होंगे, देश और प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारे 70 प्रतिशत लोग कृषि पर आधारित हैं। किसान अथक मेहनत करके उत्पादन करते हैं, लेकिन पर्याप्त लाभ नहीं मिला पाता।
क्षा मंत्री ने कहा कि किसानों को अधिक से अधिक लाभ हो, इसके मद्देनजर विश्वविद्यालय नए शोध करें तथा किसानों को क्रॉपिंग पैटर्न, फसल प्रबंधन और बीजोपचार के बारे में बताएं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसान अपने उत्पादों का प्रसंस्करण करें और मूल्य संवर्धन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की सशक्त करने के लिए संकल्पबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से पिछले 2 सालों से कृषि का अलग बजट प्रस्तुत किया जा रहा है। किसानों के लिए योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि किसान मेले में लगाकर स्टॉल्स का अवलोकन करें और नई तकनीकों को समझें और इन्हें अपनाएं।
आपदा प्रबंधन मंत्री मेघवाल ने मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने का किया आह्वान
आपदा प्रबंधन और सहायता विभाग मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने कहा कि किसानों को नई तकनीकें और नवाचारों से रूबरू करवाने में ऐसे मेले महत्वपूर्ण होते हैं। किसान इनका भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने जैविक खेती को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और कहा कि किसान खेती की नई तकनीकें अपनाएं, जिससे उनके खेती की लागत में कमी और लाभ में वृद्धि हो। उन्होंने बाजरे जैसे मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि किसान उद्यानिकी और पशुपालन की ओर भी अग्रसर हों। आपदा प्रबंधन मंत्री ने किसानों को उनके बच्चों को शिक्षा के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाने की बात कही, जिससे किसानों के बच्चे आगे बढ़ सकें।
मेले में 7 हजार किसानों ने भाग लिया
स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि तीन दिवसीय मेले में लगभग 7 हजार किसानों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि मेले में 100 स्टॉल्स के माध्यम से कृषि की विभिन्न तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह, बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अमरीश शरण विद्यार्थी, विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र बलवदा, वित्त नियंत्रक पवन कस्वां, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक कैलाश चौधरी, विश्वविद्यालय की कुलसचिव सुनीता चौधरी, बाबू लाल जुनेजा बतौर अतिथि मौजूद रहे। इससे पहले शिक्षा मंत्री और आपदा प्रबंधन मंत्री में मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया। उन्होंने मेले के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।