कांग्रेस और भाजपा की ओर से राजस्थान विधानसभा उप चुनाव को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई हैं। भाजपा जहां चारों सीट और जीतकर विधानसभा चुनाव के नतीजों से बने ऐतिहासिक रिकॉर्ड को और मजबूत करना चाहती है, तो कांग्रेस इन सीटों को जीतकर अपनी ऐतिहासिक हार से खोई प्रतिष्ठा को कुछ हद तक वापस लाने के लिए तत्पर है। चर्चा है कि कांग्रेस अपने दिग्गजों पर दांव खेल सकती है, तो भाजपा में परिजनों को टिकट मिल सकती है। कांग्रेस से लोकसभा चुनाव हार चुके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के उप चुनाव लडऩे की चर्चा है।
सूत्रों के अनुसार राजस्थान में लोकसभा चुनावों के बाद खाली हुई चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव अक्टूबर के पहले सप्ताह में होने की उम्मीद है। इन सीटों पर लोकसभा चुनाव में विधायकों को टिकट जारी किए गए थे। उपचुनाव नसीराबाद, वैर, सूरजगढ़ और कोटा दक्षिण विधानसभा सीटों पर होने हैं। उप चुनावों को लेकर रणनीति बनाने के लिए दोनों दलों की ओर से बैठकें शुरू हो गई हैं।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी की ओर से सचिन पायलट नसीराबाद से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। इस सीट पर गुर्जर समाज की संख्या काफी अच्छी है। कोटा दक्षिण से कांग्रेस के दिग्गज नेता शांति धारीवाल, सूरजगढ़ से पूर्व विधायक श्रवण कुमार दावेदारी जता रहे हैं। इधर, भाजपा के सूत्रों का कहना है कि पायलट के खिलाफ राजस्थान के जल संसाधन मंत्री रहते लोकसभा चुनाव जीते सांवरलाल जाट के पुत्र रामस्वरूप लाम्बा नसीराबाद सीट से उम्मीदवार हो सकते हैं। कोटा दक्षिण से ओम बिड़ला की पत्नी डॉ. अमिता का नाम चल रहा है। सूरजगढ़ से सांसद संतोष अहलावत के पति सुरेन्द्र अहलावत चुनाव लड़ सकते हैं। वैर सीट छोड़ कर भरतपुर सांसद बने बहादुर सिंह कोहली अपने पुत्र को टिकट दिलवाने का प्रयास कर रहे हैं।