मोदी लहर नाम के तूफान में राजस्थान के भाजपा प्रत्याशियों ने अप्रत्याशित प्रदर्शन किया और 25 सीटों पर विजय हासिल की। लेकिन प्रदेश के इन नए सांसदों के सामने नई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
क्योंकि राजस्थान से दिल्ली आने वाले सांसदों का प्रमुख आवासीय अड्डा दिल्ली के प्रथ्वीराज रोड स्थित राजस्थान हाउस है जहां उन्हें ठहरना होता है।
इस हाउस मं ठहरने के लिए सांसदों को मुश्किल यह होगी कि यहां रुकने से पहले उन्हें किराया चुकाना होगा। टीओआई की खबर के मुताबिक पिछले सांसदों का करीब एक करोड़ पचास लाख रुपये का किराया बकाया होने पर राजस्थान सरकार ने नए सांसदों को रूम अलॉट करने से मना कर दिया है।
गौरतलब है कि शहरी विकास मंत्रालय ने राजस्थान सरकार से 21 कमरे अलॉट करने के लिए कहा था लेकिन राज्य सरकार पुराना बकाया होने पर नए कमरों के अलॉटमेंट की बात नहीं मानी।
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने विभाग को पहले का बकाया करीब 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए कहा है और यह भी साफ किया है कि इस बारे में कई बार नोटिस दिया जा चुका है लेकिन अभी तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है।
राज्य सरकार के इस सख्त रुख का परिणाम अब यह होगा कि नए सासंदों को बाकी किराया का मामला न सुलझने पर सांसदों को खुद ही कहीं इंतजाम करना होगा।