जैसलमेर फतेहगढ़ के भीखसर गांव में हादसा।
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जैसलमेर जिले की फतेहगढ़ तहसील के देगराय ओरण के पास भीखसर गांव की सरहद पर बिजली की हाईटेंशन लाइन की चपेट में एक मोर आ गया। करंट लगने से मोर तड़पता रहा। वहां मौजूद लोगों ने घटना की सूचना वन्य जीव प्रेमी सुमेर सिंह को दी। सुमेर सिंह ने वन विभाग को जानकारी दी। मगर वन विभाग की टीम नहीं पहुंची। दो घंटे तड़पने के बाद राष्ट्रीय पक्षी मोर की दर्दनाक मौत हो गई।
मोर की दर्दनाक मौत से वन्य जीव प्रेमी काफी नाराज हैं। देगराय ओरण इलाके में हाईटेंशन लाइनों से टकराने से दुर्लभ पक्षियों की हो रही मौत से वन्य जीव प्रेमी हाईटेंशन लाइनों को अंडरग्राउंड करने की मांग कर रहे हैं। लगातार मर रहे पक्षियों से उनको काफी दुख है।
राष्ट्रीय पक्षी की मौत से सब खफा
सुमेर सिंह भाटी ने बताया कि राष्ट्रीय पक्षी मोर को करंट तड़पते देख एक पशुपालक भोम सिंह भीखसर ने देखा तो तुरंत वन्यजीव प्रेमी सुमेर सिंह भाटी को सूचना दी। उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचित किया लेकिन आपस में क्षेत्र बंटे होने के कारण वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया यह इलाका हमारा नहीं है। दो घंटे तड़पने के बाद मोर की मौत हो गई। भाटी ने बताया कि हाईटेंशन लाइनों से निरंतर पक्षियों की मौत हो रही है। अगर ऐसा सिलसिला चलता रहा तो कैसे बचाया जाएगा पक्षियों को। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है की हाईटेंशन लाइनों को अंडरग्राउंड नहीं किया तो यहां पक्षियों को विचरण करने के लिए खतरा है।
हाईटेंशन लाइनों को अंडरग्राउंड करने की मांग
सुमेर सिंह ने बताया कि देगराय ओरण क्षेत्र में वन्यजीवों व पक्षियों का बड़ी संख्या में विचरण है। ओरण के अंदर व चारों तरफ मौजूद इन असुरक्षित बिजली तारों व पोल के कारण बड़ी संख्या में पक्षी मौत का शिकार हो रहे हैं। पक्षियों की सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सरकार को चाहिए कि पक्षियों के विचरण के इलाके में बिजली की हाईटेंशन लाइनों को भूमिगत करें। अन्यथा पक्षियों के लिए ये जगहें मौत का घर बनती जा रही है।यहां कई पक्षियों की मौत बिजली के तार से टकराने से हुई है। ऐसे में वन्य जीव प्रेमी काफी नाराज हैं।