नागौर जिले में पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) और एक हिस्ट्रीशीटर आरोपी के बीच कथित बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
वीडियो में कथित बातचीत पर उठे सवाल
वायरल वीडियो में डीएसटी टीम के एक कांस्टेबल और हिस्ट्रीशीटर आरोपी के बीच कथित लेन-देन और सांठगांठ की बातचीत सुनाई दे रही है। बातचीत में कांस्टेबल आरोपी को भरोसा दिलाते हुए यह कहता हुआ प्रतीत होता है कि उसका कुछ नहीं होगा और वह उसके पास आ रहा है। साथ ही वह आरोपी से लोकेशन पूछता भी नजर आता है, हालांकि बातचीत के दौरान वह किसी भी प्रकार की सांठगांठ से इनकार करता हुआ भी दिखाई देता है।
आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला
मामले ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया जब आरोपी को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला हो गया। जानकारी के अनुसार, हिस्ट्रीशीटर ने आक्रामक रुख अपनाते हुए डीएसटी टीम के एक सदस्य का हाथ काट लिया। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा।
संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए दो थानों की पुलिस को मौके पर लगाया गया। संयुक्त कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
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एसपी की कार्रवाई, कांस्टेबल लाइन हाजिर
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोशन मीणा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डीएसटी टीम के कांस्टेबल दिनेश को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच जितिन जैन को सौंपी गई है।
सूत्रों के अनुसार, इस घटना के बाद पूरी डीएसटी टीम एसपी की निगरानी में आ गई है। पहले भी कथित लेन-देन को लेकर चर्चाएं सामने आती रही हैं, जिससे अब पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
एसपी का सख्त संदेश
एसपी रोशन मीणा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी पुलिसकर्मी अपराधियों या मादक पदार्थ तस्करों के साथ संबंध में पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और मामले में आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।