लगातार हो रही चोरी की वारदातों से सहमे नागौरवासियों को आखिरकार राहत मिली है। नागौर पुलिस ने अंतरराज्यीय बावरिया गैंग के सरगना 19 वर्षीय राजेश बावरिया को जयपुर ग्रामीण के नरैना थाना क्षेत्र, सरहद रोजड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी से जिले में हाल ही में हुई कई लाखों रुपये की चोरी की घटनाओं का खुलासा हो गया है।
कई जिलों में फैले थे बावरिया गैंग के तार
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी राजेश और उसके गैंग के सदस्य नागौर, मेडताशहर, डीडवाना, बीकानेर, अजमेर, पाली, सिरोही और जयपुर में सक्रिय थे। राजेश ने पूछताछ में 22-23 सितंबर की रात नागौर के गुरुकृपा नगर क्षेत्र में चार बंद मकानों, मेडतासिटी में एक घर और एक किराना दुकान में चोरी की वारदातें करने की बात कबूली। गैंग रेकी के बाद देर रात बंद मकानों के ताले तोड़ता और सोना, चांदी, नकदी सहित कीमती सामान लेकर फरार हो जाता था।
लाखों की चोरी की वारदात का खुलासा
पीड़ित मुलचंद लटियाल ने रिपोर्ट दी थी कि 22 सितंबर की शाम गांव जाने के बाद उनके घर से 14 तोले सोने के गहने, चांदी के जेवर, ₹7 लाख नकद और अन्य सामान चोरी हो गया। इसी रात रामकिशोर, गंगा सिंह, बबलू (मेडतासिटी) और जाकिर की दुकान में भी ताले तोड़े गए। पुलिस ने इस मामले को प्रकरण संख्या 309/2025 के तहत धारा 331(4) और 305(ए) बीएनएस 2023 में दर्ज किया।
1500 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले
एसपी मृदुल कच्छावा (IPS) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार और वृताधिकारी रामप्रताप विश्नोई के सुपरविजन में थानाधिकारी वेदपाल शिवराण के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने नागौर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर और टोल प्लाजा के 1500 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। फील्ड इंटेलिजेंस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से गैंग की पहचान हुई। पुलिस ने राजेश को मनोवैज्ञानिक और तकनीकी पूछताछ के जरिए तोड़ा, जिसके बाद उसने कई वारदातें कबूल कीं।
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मोटरसाइकिलों से करते थे रेकी, फर्जी नंबर प्लेट लगाते
राजेश ने बताया कि गैंग के 10-15 सदस्य मोटरसाइकिलों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर रेकी करते थे। बंद मकानों की पहचान के बाद रात में गिलोल, पत्थर और डंडों से बचाव करते हुए चोरी को अंजाम देते और विपरीत दिशा में भाग जाते थे, ताकि पीछा करने वालों को भ्रम हो। इस सफलता में DST मेडतासिटी के उ.नि. विजय सिंह, हेड कांस्टेबल विक्रम सिंह, राकेश सांगवा और नरसी किलक की भूमिका सराहनीय रही। बाकी गैंग सदस्यों की तलाश में पुलिस की दबिशें जारी हैं।
‘संपत्ति अपराधों पर जीरो टॉलरेंस’
एसपी मृदुल कच्छावा ने कहा कि पुलिस का यह अभियान अपराधियों के हौसले पस्त करने वाला है। उन्होंने कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है। इस गैंग के खुलासे से क्षेत्र में राहत की भावना है।
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