टॉवर पर चढ़े युवा, नीचे खड़े आरसी के जवान
जिले के रियांबड़ी में रोहिसा रोड पर स्थित बजरी लीजधारक के धर्मकांटे पर शुक्रवार शाम को बजरी परिवहन रोकने को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। नगर पालिका चेयरमैन गिरधारीलाल माली ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने पंचायत समिति परिसर में धरना शुरू कर दिया, जबकि दो युवा टॉवर पर चढ़कर रात भर वहीं डटे रहे। मौके पर पुलिस और आरएसी का भारी जाब्ता तैनात था, लेकिन देर रात तक वार्ता में कोई समाधान नहीं निकल सका।
शुक्रवार शाम को चेयरमैन माली समर्थकों के साथ रोहिसा रोड पर पहुंचे, जहां उन्होंने बजरी परिवहन को रोकने का प्रयास किया। चेयरमैन ने आरोप लगाया कि डेगाना पुलिस उपाधीक्षक जयप्रकाश बेनीवाल ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया और धमकी दी। वहीं तहसीलदार रणवीर सिंह ने उनका मोबाइल छीन लिया और जेब फाड़ दी। माली ने फटे कपड़ों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि ये कपड़े तब तक नहीं बदलेंगे जब तक न्याय न मिले।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान धक्का-मुक्की में चेयरमैन के कपड़े फट गए और जेब निकल गई। गुस्साए समर्थकों ने मेला मैदान से पंचायत समिति परिसर पहुंचकर धरना दिया। दो युवा टॉवर पर चढ़ गए और रात 12 बजे तक वहीं डटे रहे। चेयरमैन ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन पूर्व की मांगों को भी पूरा नहीं कर रहा।
ये भी पढ़ें: Tonk News: सोशल मीडिया पर कथित विवादित टिप्पणी के बाद सड़क पर जमा हुए लोग, पुलिस ने हालात काबू कर घर भेजा
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने इस घटना की निंदा की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि चेयरमैन और ग्रामीणों के साथ बदसलूकी निंदनीय है और आवश्यकता पड़ी तो वे खुद मौके पर जाएंगे। उन्होंने रालोपा कार्यकर्ताओं से मौके पर पहुंचने का आह्वान भी किया।
इधर प्रशासन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। तहसीलदार रणवीर सिंह ने कहा कि चेयरमैन के साथ 15-20 युवक बाइक पर आए थे। बजरी लीज सरकार द्वारा वैध रूप से दी गई है और उनके आरोप मनगढ़ंत हैं। पुलिस उपाधीक्षक जयप्रकाश बेनीवाल ने कहा कि घटनाक्रम के बाद ही हम मौके पर पहुंचे, जिससे विवाद बढ़ने से बचा।
अधिकारियों के अनुसार यह विवाद पुराना है और बजरी माफियाओं के संरक्षण को लेकर ग्रामीणों का असंतोष है। खनन विभाग ने बताया कि रोहिसा रोड पर कांटे वैध हैं, लेकिन ओरण भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें लंबे समय से हैं। रात भर चली वार्ता में पुलिस, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कोई हल नहीं निकला। पंचायत समिति परिसर में अब भी सैकड़ों लोग धरने पर बैठे हैं।