नागौर में राज्यमंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने लाभार्थियों को स्कूटियां वितरित करते हुए सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनना चाहिए और सभी यातायात नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए सभी को सावधानी बरतनी चाहिए। राज्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि जो दिव्यांगजन अभी तक योजनाओं से वंचित रह गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री दिव्यांग स्कूटी योजना और विधायक कोष के माध्यम से लाभ पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे।
16 लाभार्थियों को मिली स्कूटियां
डॉ. बाघमार ने अपने संबोधन में कहा, “आज दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरण का कार्यक्रम रखा गया है। इसके अंदर विधायक कोष से हमने यहां पर 16 दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरित की है। निश्चित रूप से सरकार की जो योजनाएं हैं, उनके तहत इनको स्कूटी उपलब्ध करवाई जाए। कुछ इस प्रकार के दिव्यांगजन होते हैं, जो सरकार की योजनाओं से वंचित रह जाते हैं या उनका लाभ नहीं उठा पाते हैं। तो हमने अपने विधायक कोष से उनको स्कूटी वितरित करने की योजना बनाई। आज आप देख रहे हैं कि 16 लोगों को स्कूटी दी गई है और दिव्यांगजनों के चेहरे पर जो खुशियां दिखाई दे रही हैं।”
आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल
राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंत्योदय तक पहुंचना और समाज के सभी व्यक्तियों को मुख्यधारा में शामिल करना है, ताकि दिव्यांगजन भी अपनी जीवनचर्या को आसानी से चला सकें और स्वतंत्र एवं आत्मनिर्भर तरीके से कार्य कर सकें। उन्होंने सभी लाभार्थियों को बधाई दी। साथ ही कलेक्टर, प्रशासनिक अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना की।
गांव-गांव से खोजे गए पात्र लाभार्थी
डॉ. बाघमार ने कहा कि गांवों से दिव्यांगजनों को ढूंढ-ढूंढकर कार्यक्रम में प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग के जगदीश का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग वंचित रह गए हैं, उनके लिए सरकार की योजनाएं चल रही हैं। मुख्यमंत्री निःशुल्क स्कूटी योजना के तहत पात्र लोगों को भी लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा जो वंचित लोग उनके पास आएंगे, उन्हें अगले कार्यक्रम में इसी तरह स्कूटी वितरण का लाभ दिया जाएगा।
स्कूटी मिलने से आसान होगी दिनचर्या
कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई दिव्यांगजनों ने बताया कि स्कूटी मिलने से उनकी दिनचर्या आसान हो जाएगी और वे स्वतंत्र रूप से आवागमन कर सकेंगे। सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गांव-गांव से पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें इस कार्यक्रम से जोड़ा गया, जिससे योजना का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचा। जिला प्रशासन ने पूरे आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रशासन ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव ने सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होती हैं और प्रशासन भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास करता रहेगा। इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर सहित कई अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।