नागौर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों के साथ कथित फर्जीवाड़े का नेटवर्क सामने आया है। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए बीमा कंपनी की मुख्य शाखा से जुड़े तीन आरोपियों आदित्य पाटोदिया, अक्षय कुमार और विनीत कुमार दुबे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी किसानों के खेतों के खसरा नंबर और नाम-पते जुटाकर फर्जी तरीके से फसल बीमा करवाते और भुगतान की रकम आपस में बांटते थे।
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का खेल
मामला तब सामने आया जब दुतासर निवासी राजेश ने 13 अगस्त को पुलिस थाने में शिकायत दी। शिकायत के मुताबिक उसकी पत्नी सुमित्रा के नाम दर्ज खेतों के खसरा नंबरों पर बिना उसकी जानकारी के फसल बीमा कर दिया गया था। जब उसने क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के जरिए बीमा की जानकारी जांची, तो उसके खेतों पर पहले से बीमा दर्ज मिला। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर गांवों के लोगों के खसरा नंबर और नाम-पते जुटाए। इसके बाद उनके नाम और बैंक खातों का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से बीमा क्लेम की रकम हासिल की जाती थी। शिकायतकर्ता के खेतों से जुड़े बीमा के मामले में 4 लाख 70 हजार 168 रुपये की राशि दूसरे खाते में जमा करवाकर भुगतान उठाने की बात सामने आई है।
फर्जी कागजों से तैयार किया पूरा नेटवर्क
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी और कूटरचित दस्तावेज, मूल निवास प्रमाण पत्र, स्टांप पेपर, फसल बीमा फॉर्म और कृषि पर्यवेक्षक के नाम की रबर स्टांप सील बरामद की है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल एक कार भी जब्त की गई है। जांच में बीमा कंपनी के क्लस्टर कोऑर्डिनेटर, जिला कोऑर्डिनेटर और तहसील कोऑर्डिनेटर स्तर की मुख्य शाखा से जुड़े आरोपियों की भूमिका सामने आने की बात पुलिस ने कही है। गिरफ्तार आरोपियों में आदित्य पाटोदिया, अक्षय कुमार और विनीत कुमार दुबे शामिल हैं।
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पहले भी मिले फर्जी दस्तावेज
पुलिस के मुताबिक पहले गिरफ्तार किए गए रविन्द्र बाजिया और सियाराम के कब्जे से भी फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए थे। इनमें लाडनूं और डेगाना के उपखंड अधिकारियों के नाम से जारी बताए गए फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र, स्टांप, फसल बीमा फॉर्म और कृषि पर्यवेक्षक के नाम की नकली सील शामिल थी।
कई थानों में दर्ज हैं मामले
फर्जी फसल बीमा क्लेम से जुड़े मामले पहले से कई थानों में दर्ज हैं, इनमें पंचौड़ी थाने में पांच, जायल में एक, मेड़ता रोड में एक, श्रीबालाजी में एक और रोल में एक दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक कुल सात आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। गिरफ्तार तीन आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।
पुलिस का कहना है कि फसल बीमा घोटाले को कथित तौर पर संगठित गिरोह के रूप में चलाकर सुनियोजित तरीके से यह और अन्य अपराध किए जाने की बात सामने आई है। इस संबंध में तीन अन्य प्रकरण भी दर्ज हैं और आरोपियों तथा उनके सहयोगियों से पूछताछ जारी है।