जिले के कुचेरा में एक मुस्लिम परिवार के भाइयों ने अपनी बहन के यहां एक करोड़ 38 लाख रुपये का मायरा भरा, इसमें 15 तोला सोना, दो किलो चांदी, 21 लाख नकदी और मारवाड़ मूण्डवा में अंबुजा सीमेंट फैक्ट्री के पास दो बीघा खेत मायरा में दिए। मूण्डवा निवासी शौकत खोखर, मरहूम तारु, मोहम्मद खोखर पुत्र शौकत, रुस्तम, अशफाक, रियाज, आर्यन द्वारा अपनी बहन रुखसाना तग़ाला पत्नी बाबू अली तग़ाला, हाजी जमालद्दीन, गुलाम मोहम्मद, हनीफ तग़ाला के यहां भात के रूप में एक करोड़ 38 लाख का मायरा भरा।
क्या है मायरा
मायरा या भात शादी से जुड़ी अहम रस्म है जो कि भाई अपनी बहन के बच्चों की शादियों में निभाते हैं। इस रस्म में भाई अपनी बहन को चुनरी ओढ़ाकर अपनी सामर्थ्य के अनुसार उसे उपहार या नकद राशि भेंट करते हैं। इसे बहन के बच्चों शादी में होने वाले खर्च में भाई की तरफ से सहयोग के रूप में भी माना जाता है। मायरे के लिए गाए जाने वाले गीतों में वैसे भी नागौर का नाम शामिल किया जाता है। इससे पहले भी जिले के जायल में भरा गया 8 करोड़ का मायरा अब तक लोगों की जुबान पर है।