नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल की दूसरी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट भी निगेटिव आने से हंगामा मचने के आसार बन गए हैं। सांसद को लोकसभा के मानसून सत्र से पहले दिल्ली में जांच के दौरान पॉजिटिव घोषित किया गया था।
उन्होंने दिल्ली से लौटने के बाद जयपुर में कोरोना टेस्ट कराया था, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इसके बाद उन्होंने निजी लैब में कोरोना टेस्ट कराया था, जिसकी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को घोषित की गई। केंद्र सरकार में एनडीए के घटक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के राष्ट्रीय संयोजक बेनीवाल ने इसके पीछे साजिश के आसार जताते हुए जांच की मांग की है।
बेनीवाल पहली बार जुलाई में कोरोना वायरस से पीडि़त पाए गए थे, लेकिन कुछ दिन बाद वह ठीक हो गए थे। संसद सत्र शुरू होने से पहले सभी सांसदों का कोरोना टेस्ट कराए जाने के कारण उन्होंने 11 सितंबर को लोकसभा परिसर में आईसीएमआर के विशेषज्ञों को अपना सैंपल दिया था। 13 सितंबर को उन्हें टेलीफोन पर संक्रमित पाए जाने की जानकारी दी गई थी।
उस समय जयपुर में मौजूद सांसद ने तत्काल राज्य सरकार के एसएमएस अस्पताल में एक डॉक्टर से संपर्क करते हुए दोबारा अपना कोरोना टेस्ट कराया था। एसएमएस अस्पताल की टेस्ट रिपोर्ट में उन्हें कोरोना संक्रमण से पीडि़त नहीं पाया गया था। इसके बाद 16 सितंबर को उन्होंने निजी लैब में भी सैंपल की जांच कराई थी।
आरएलपी नेता ने इन विरोधाभासी परिणामों के लिए आईसीएमआर, दिल्ली और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से स्पष्टीकरण लिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब एक सांसद इस तरह के हालात से गुजर सकता है तो एक आम आदमी के मामले में क्या होगा?
उन्होंने आईसीएमआर रिपोर्ट की सत्यता पर सवाल उठाए और कहा, यह आश्चर्यजनक है कि मेरे टेस्ट के असंगत परिणामों पर आईसीएमआर या केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे में गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।