सीपी जोशी के आवास पर पहुंचे कांग्रेस विधायक।
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राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का असर राजस्थान कांग्रेस में दिखने लगा है। 25 सितंबर को विधायकों द्वारा दिए गए इस्तीफे वापस होने लगे। शनिवार देर शाम से कांग्रेस विधायकों का विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के घर पहुंचा शुरू हो गया है। वहां जाकर विधायक इस्तीफे वापस ले रहे हैं।
अब तक विधायक गराज मीना और राजेंद्र पारिक सहित कुछ अन्य विधायक इस्तीफा वापस ले चुके हैं। इस्तीफा वापस लेने के बाद विधायक नगराज मीना ने कहा कि हमने उस समय अपनी मर्जी से इस्तीफे दिए थे अब अपनी मर्जी से ही वापस ले रहे हैं। मैं दावा करता हूं कि राजस्थान में कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। यह चुनावी साल है यदि नेतृत्व परिवर्तन की सोची जाती है तो इससे पार्टी का नुकसान हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हम सबकी आस्था अशोक गहलोत के प्रति ही है।
वहीं, विधायक राजेद्र पारिक ने कहा कि हाई कमान जो फैसला लेगा उसे हम सब मानेंगे। मैंने अपनी इच्छा से इस्तीफा वापस लिया है। हम सब विधायक इस्तीफे वापस ले रहे हैं, क्योंकि हमें लगता है कि हमारी विधानसभा के लोग भी यही चाहते हैं।
कहा जा रहा है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से राजस्थान में कांग्रेस के पक्ष में बने माहौल को देखते हुए आलाकमान ने इस्तीफे वापस लेने का निर्देश दिया है। ऐसे में शनिवार को मुख्य सचेतक महेश जोशी से मुलाकात के बाद विधायक सीधे विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के घर पहुंचे और इस्तीफे वापस लिए। विधायक दल की बैठक में ना जाकर खुद दूसरी बैठक बुलाकर इस्तीफा देने वाले महेश जोशी भी अब वापस लेने की बात कह रहे हैं।
25 सितंबर के विधायकों ने दिए थे इस्तीफे
नए सीएम के चयन के लिए 25 सितंबर को कांग्रेस आलाकमान ने तत्कालीन प्रदेश प्रभारी अजय माकन और मल्लिकार्जुन खरगे को पर्यवेक्षक बनाकर विधायक दल की बैठक के लिए राजस्थान भेजा। लेकिन, विधायकों ने बैठक से दूरी बनाई और आलाकमान के निर्देशों की अवहेलना की। विधायकों ने एक अलग बैठक कर सीएम अशोक गहलोत पर ही भरोसा जताया। कहा- गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष बन जाएं, लेकिन सीएम पद पर भी बने रहे। करीब 90 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के आवास पर जाकर उन्हें इस्तीफा सौंप दिया था। अब इन विधायकों ने इस्तीफे वापस लेना शुरू कर दिए हैं।