राजस्थान सरकार में जेल मंत्री टीकाराम जूली ने बीते दिनों सिरोही जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान जेल में बंद गेमलाराम गरासिया ने मंत्री को बताया था कि लाडूदेवी देवासी हत्याकांड में उसे झूठा फंसाया गया है। लाडूदेवी की हत्या के समय वह बाली जेल में बंद था। बाली जेलर से लिखित में सूचना आने के बाद सच्चाई सामने आ गई। डीआईजी की जांच में भी उसके जेल में होने की बात सामने आई है। इसके बाद भी दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। सीएम के सलाहकार और विधायक संयज लोढ़ा ने बुधवार को ये मामला विधानसभा में उठाया।
विधायक संयम लोढ़ा ने जेल मंत्री टीकाराम जुली से पूछा कि साल 2022 में आपने सिरोही जेल का निरीक्षण किया था, उसमें क्या कमियां पाई गईं, क्या शिकायतें मिलीं और उन पर क्या कार्रवाई? मंत्री टीकाराम जूली ने 2 अप्रैल 2022 को उन्होंने जिला कारागृह सिरोही का निरीक्षण किया गया था।
निरीक्षण के दौरान बंदी गेमलाराम पुत्र लाखाराम गरासिया ने निवेदन किया था कि लाडूदेवी हत्याकांड में उसे झूठा फंसाया गया है, क्योंकि अपराध के समय वह जिले में बंद था। इसका जवाब देते हुए मंत्री जूली ने कहा कि कैदी गेमलाराम ने जो निवेदन किया था उस पर कार्रवाही करने के लिए न्यायालय सक्षम है। कारागार विभाग के स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है।
विधायक लोढ़ा ने पूछा कि सिरोही जेल में कितने कैदियों को रखने की क्षमता है और अभी कितने कैदी जेल में हैं। साथ ही जिला सिरोही की अदालतों विचाराधीन मामलो में कितने कैदी को किन कारणों से जेलों में रखा गया है। इस सवाल का जवाब देते हुए मंत्री टीकाराम जूली ने बताया कि सिरोही जेल में बंदियों की क्षमता 205 है और अभी यहां 290 बंदी है।