राजस्थान विधानसभा में विधायक संयम लोढ़ा ने मॉडल शॉप आवंटन में व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23, वर्ष 2023-24 जारी आबकारी नीति की शर्तों में मॉडल शॉप के आवंटन के मामले में बिना आबकारी मंत्री की अनुमति के तत्कालीन आबकारी आयुक्त ने संशोधन कर व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाया है। इससे राज्य सरकार को हानि हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-22 वास्तविक उठाव के आधार पर गारंटी राशि में बढ़ोतरी के साथ जिन लोगों ने दुकानें ली थी वो इन मॉडल शॉप के कारण अपना उठाव नहीं कर पाए।
गौरतलब है कि विधायक संयम लोढ़ा ने गत वर्ष आबकारी मंत्री को पत्र लिखकर आबकारी एवं मद्य संयम नीति वर्ष 2022-23 एवं वर्ष 2023-24 में किए गए मॉडल शॉप संबंधी प्रावधानों के क्रम अवगत कराया था कि राज्य में मॉडल शॉप का आवंटन लाइसेंस फीस के आधार पर किए जाने का प्रावधान किया गया है।
चूंकि आबकारी नीति में राज्य भर में आवंटित की गई मदिरा की खुदरा दुकानात की वार्षिक गारंटी निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार प्रत्येक मंदिरा दुकान के अनुज्ञा धारियों को निर्धारित लक्ष्य तक मदिरा उठाव करना आवश्यक होता है, जिससे राजस्व अर्जन सुनिश्चित होता है। आबकारी नीति में उक्त मदिरा दुकानों के अलावा जो मॉडल शॉप आवंटित की जा रही हैं उनकी कोई वार्षिक गारंटी राशि निर्धारित नहीं है, जबकि इनके लिए मात्र लाइसेंस फीस का प्रावधान है जो कि अन्य मदिरा दुकानों की वार्षिक गारंटी राशि की तुलना में अत्यल्प है। जिससे राजस्व अर्जन पर प्रतिकूल प्रभाव पडे़गा। इसके साथ ही मॉडल शॉप के आवंटन एवं संचालन हेतु आबकारी आयुक्त, राजस्थान उदयपुर द्वारा दिनांक 01.03.2022 को जारी किये गये दिशा निर्देशों में मॉडल शॉप की लोकेशन के संबंध में यह प्रावधान किया गया कि "मॉडल शॉप स्थानीय निकाय द्वारा अनुमोदित शॉपिंग मॉल अथवा कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अनुमति होगी।"