राज्यसभा चुनाव में जीत पक्की करने के लिए कांग्रेस ने विधायकों की बाड़ेबंदी कर दी है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री गहलोत नाराज विधायकों को मनाने में जुटे हैं। जिस तरह से विधायक नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं, वैसे में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। विधायक गिर्राज मलिंगा ने अपने ऊपर दर्ज मुकदमे को लेकर गहलोत सरकार से नाराजगी जताई है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने कहा कि जो मुकदमे उनके ऊपर दर्ज हुए हैं, वह सरकार बचाने का और वफादारी दिखाने का ही इनाम है। उन्होंने कहा कि हम अब उदयपुर क्यों जाएंगे? पहले सरकार बचाने के लिए गए थे, उसी का परिणाम है कि मेरे ऊपर ऐसे मुकदमे दर्ज हुए, जिनसे मेरा कोई लेना देना नहीं था। यह सरकार बचाने का ही तो इनाम मिला है।
भगवान करेगा हमारे साथ न्याय
मलिंगा ने यह भी कहा कि हमारे साथ भले ही कोई गद्दारी करे लेकिन मुझे भगवान और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। भले ही कोई यह समझ रहा हो कि वह हमारा मुकद्दर लिख रहा है लेकिन हकीकत में तो यह उसकी गलतफहमी है। भगवान हमारा मुकद्दर लिख रहा है, वहीं हमारे साथ भी न्याय करेगा।
मायावती ने हमें नेता बनाया है
कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा दूसरी बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने हैं लेकिन साल 2008 में वह बसपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। फिर कांग्रेस में शामिल हुए थे। अब मुख्यमंत्री गहलोत से नाराजगी के बाद उन्होंने साफ कहा कि वह यहां तक पहुंचे हैं वह मायावती की देन है, ना कि कांग्रेस की। मायावती ने ही हमें नेता बनाया।
मायावती का एहसान जब तक जिएंगे, तब तक मानेंगे
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के प्रत्याशी की तो मेरे सामने जमानत जब्त हो गई थी। कांग्रेस चाहे तो अब उनके सामने उम्मीदवार उतार कर देख ले। मुझे नेता बसपा ने बनाया और मैं बसपा की टिकट पर ही चुनाव जीतकर आया। इसके बाद मैंने कांग्रेस की मदद की, लेकिन हम एहसान फरामोश नहीं हैं कि जिसने हमारे ऊपर एहसान किया उसको हम मानते हैं। मायावती का एहसान जब तक जिएंगे तब तक मानेंगे।
वहीं बाड़ी विधायक ने यह भी साफ कर दिया कि वे कांग्रेस की तरफ ही है। उन्होंने कहा कि मैं कोई बिकने वाला व्यक्ति भी नहीं कि पैसे में बिक जाऊं। ना ही ऐसा दाग मैं अपने जीवन में लगाऊंगा कि जनता मुझे गाली दे कि हमने भ्रष्टाचार किया और हम पैसे के लिए बिक गए।