चित्तौड़गढ़ में दो फरवरी की शाम बीच बाजार बीजेपी कार्यकर्ता विकास आंजना उर्फ बंटी की हत्या मामले में प्रदेश के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना और उनके भांजे विक्रम पर आरोप लगे हैं। मृतक बंटी के परिजनों ने मंत्री आंजना और उनके भांजे के खिलाफ पुलिस में परिवाद रिपोर्ट दी है। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए जिला अस्पताल के सामने जाम भी लगाया। शुक्रवार शाम परिवाद को एफआईआर में जोड़ने के आश्वासन के बाद ही परिजनों ने शव को उठाया। अब हत्यारों को पकड़े जाने तक भाजपा ने सात दिन तक धरना देने की चेतावनी दी है। मामले ने सियासी तूल भी पकड़ लिया है।
मृतक के भाई का आरोप- मंत्री और उनका भांजा छह महीने से दे रहे धमकियां
मृतक बंटी उर्फ विकास आंजना के भाई घनश्याम आंजना ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया है कि उसके भाई को करीब छह महीने से जान से मारने की धमकियां मंत्री उदयलाल आंजना की ओर से दी जा रही थीं। मंत्री अपने आदमियों को भेजकर भाई पर मिलने के लिए दबाव बना रहे थे। उनका भांजा विक्रम खुद उनके घर पर आया और उसे कांग्रेस ज्वाइन करने को कहा। साथ ही अपने घर से बीजेपी का झंडा हटा लेने, वरना अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। जब भाई ने उनकी बात नहीं मानी, तो मध्यप्रदेश के नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों से मिलकर ललित आंजना की जगह विकास का नाम लगाकर उसे गिरफ्तार करवा दिया गया।
पहले भी मंत्री और उसके भांजे ने षड्यंत्र रचकर फायरिंग करवाई थी। जिन आरोपियों ने फायरिंग की, वो अभी छोटी सादड़ी जेल में बंद हैं और इन अपराधियों ने पहले भी विकास प्रजापत की हत्या की थी। इन अपराधियों ने जेल से ही मेरे भाई को मारने की धमकी दी थी। धमकियां देने वालों में अरविंद आंजना, जसपाल आंजना थे। इन्होंने मंत्री और उनके भांजे के इशारे पर धमकियां दीं। ये सभी अपराधी मंत्री के परिवार से हैं। मंत्री और उनके भांजे के आदमियों ने ही प्री-प्लान करके मेरे भाई की हत्या करवाई है।
बंटी आंजना की बॉडी पर मिले आठ गोलियां मारने के निशान
गुरुवार शाम करीब पौने पांच बजे आबादी बीच स्थित चित्तौड़गढ़ की सब-जेल के पास गर्ल्स स्कूल के सामने प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी के केसुंदा निवासी 32 वर्षीय विकास उर्फ बंटी की हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बंटी के शरीर पर गोलियों के 8 निशान मिले थे। परिजनों ने पहले सीबीआई जांच कराने की बात कहते हुए जिला अस्पताल और फिर एसडीएम कोर्ट के बाहर धरने दे दिया और शव नहीं लेने, पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कही। लेकिन पुलिस अधिकारियों और एएसपी अर्जुन सिंह शेखावत के आश्वासन के बाद परिजन माने। एएसपी ने एफआईआर में परिजनों की ओर से दी गई परिवाद रिपोर्ट को भी जांच के रूप में शामिल करने की बात कही है। इसके बाद शव को केसूंदा रवाना किया गया।
हत्यारों को गिरफ्तारी नहीं होने तक सात दिन बीजेपी का धरना
भाजपा नेता बापूलाल आंजना के 28 वर्षीय बेटे बंटी उर्फ विकास आंजना को गोलियों से छलनी करने वाले हत्यारे अब तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की चार टीमें हत्यारों की तलाश में जुटी हुई हैं। दो टीमें नीमच गई हैं। बीजेपी नेताओं ने हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने तक अगले सात दिन धरना जारी रखने की घोषणा की है। निंबाहेड़ा जिला अस्पताल के बाहर पूर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी, मृतक बंटी के पिता बीजेपी नेता बापूलाल आंजना, बीजेपी जिलाध्यक्ष गौतम दक सहित भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता धरने पर हैं।
सहकारिता मंत्री और भांजे के खिलाफ परिवाद एफआईआर फाइल में शामिल-एसपी
चित्तौड़गढ़ एसपी राजन दुष्यंत ने कहा है कि निंबाहेड़ा में बंटी आंजना पर तीन लोगों द्वारा फायरिंग कर हत्या करने वाले हत्यारों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। विकास उर्फ बंटी के परिजनों परिजनों ने जो परिवाद सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना और उनके भांजे विक्रम आंजना के खिलाफ दिया है। उसे भी मूल एफआईआर फाइल में जांच के लिए शामिल कर लिया गया है।
मंत्री उदयलाल आंजना की छवि खराब करने की कोशिश- कांग्रेस
बंटी उर्फ विकास आंजना की हत्या के मामले में सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना और उनके भांजे विक्रम पर हत्या के आरोपों को कांग्रेस पार्टी ने उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया है। साथ ही मंत्री आंजना की सामाजिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने के आरोप लगाए हैं। निम्बाहेड़ा और छोटीसादड़ी कांग्रेस कमेटी ने प्रोस नोट जारी कर कहा है कि बीजेपी इसे राजनीतिक रंग दे रही है। जबकि मंत्री उदयलाल आंजना ने तो पुलिस अधिकारियों को हत्या में शामिल अपराधियों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं।