केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी का पुलिस अधिकारी को गालियां देते हुए एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह डीएसपी को सस्पेंड करने और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कह रहे हैं। इसके बाद वह फोन पर ही बालोतरा डीएसपी धनफूल मीणा को गालियां निकाल रहे हैं। मामला बाड़मेर के बालोतरा शहर का है।
दरअसल, बाड़मेर के बालोतरा इलाके में बजरी माफिया और रॉयल्टी कार्मिकों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस झगड़े में दो-तीन लोगों की जान तक जान चुकी है। सोमवार रात को बालोतरा के आसोतरा रोड पर नाथु खान को बजरी विवाद के चलते गाड़ी चढ़ा दी थी। मंगलवार को जोधपुर में इलाज के दौरान नाथु खान की मौत हो गई थी।
इस पर आक्रोशित लोगों और परिजनों ने बालोतरा डाक बंगले परिसर में धरना दे दिया था। धरनास्थल पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, कांग्रेस के विधायक मदन प्रजापत, जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी, आरएलपी नेता उम्मेदाराम बेनीवाल पहुंचे और वह भी उनके साथ धरने पर बैठ गए।
इस दौरान धरनास्थल पर केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने एसपी को फोन लगा खरी-खोटी सुनाई। इस वीडियो में वह एक पुलिस अधिकारी को गालियां देते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, 24 घंटे में परिजनों की मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
मंत्री ने कहा- डिप्टी को सस्पेंड करो और 302 में आरोपी बना दो
धरने पर बैठे कैलाश चौधरी फोन पर पुलिस अधिकारी से कह रहे हैं, मैंने आपको कितनी बार बोला कि हमें इन गुंडों (रॉयल्टी ठेकेदार) से बचा लो। हमारे लोग सड़कों पर मर रहे हैं। कभी एक्सीडेंट तो कभी मर्डर कर देते हैं, जिसको चाहे यह गुंडे ठोंक कर चले जाते हैं। आज यह एक और मर गया, अब हम शव नहीं उठाएंगे। जब तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। डीएसपी को सस्पेंड कर 302 का मुल्जिम बना दो। इसी अधिकारी की वजह से सारी घटनाएं हो रही हैं। डिप्टी और मेघराज सिंह और उसके पूरे ग्रुप का नाम लिख रहे हैं, जब कार्रवाई नहीं करेंगे तब शव नहीं उठाएंगे।
मंत्री बोले- डिप्टी बोलता है ऊपर से आदेश है, पता नहीं कौन इसका बाप आदेश दे रहा है
मंत्री बोल रहे हैं, पानी सिर से गुजर चुका है। मैं परेशान हो चुका हूं। मैं रियल में कह रहा हूं कि आपको कितनी बार बोला है। आखिर आज किसी की जान ले ली। यह...(अपशब्द) और लेना चाहते हैं लोगों की जानें। सारे प्रोफेशनल लोग डाल रखे हैं। हर कार्मिक के हाथ में पिस्टल है और कौन झगड़ा करें इन कुत्तों से।
सारे पिस्टल लेकर घूम रहे हैं खुलेआम। डिप्टी एक नंबर का...(अपशब्द) साथ में जाता है। मैंने कई बार डिप्टी को बोल दिया कि तू क्यों जा रहा है...(अपशब्द) साथ में तो कहा कि मेरे को ऊपर से आदेश है पता नहीं कौन ऊपर से इसका बाप आदेश दे रहा है। साहब तुंरत प्रभाव से इनकी गिरफ्तार नहीं होगी, तब तक यह आंदोलन बड़ा होगा। हम इन गुंडों को यहां पर नहीं रहने दिया जाएगा। चाहे इसके लिए मुझे सड़क पर उतरना पड़े। जो भी करना पड़े मैं करूंगा। नाका वाका यहां पर नहीं होगा।
माइनिंग विभाग यहां पर झक मारने के लिए तनख्वाह लेती है। इनका काम है नाका लगाकर निगरानी रखने का कि कोई गलत जा रहा है तो या पुलिस निगरानी करेगी। इन गुंडों को किसने अधिकार दिया, मुझे यह बताओ। इसलिए आज की आज कार्रवाई नहीं होगी तो यहां पर बैठे रहेंगे चाहे महीना लग जाए। मैं आपको इतनी बार बोल चुका हूं, क्या मैं आपको इतना कभी बोलता नहीं हूं। आज मेरा पारा सिर से ऊपर से गुजर चुका है।