भारतीय वायु सेना का एक मिग 27 विमान रविवार को राजस्थान में जोधपुर के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि मिग 27 यूपीजी विमान अपने नियमित मिशन पर था। विमान गोंडाना के नजदीक शिवगंज के सिरोही में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।
विमान दुर्घटना पर भारतीय वायुसेना ने बयान जारी करते हुए कहा, 'आज सुबह 11.45 बजे मिग-27 यूपीजी विमान ने उतरलाई एयर फोर्स बेस से उड़ान भरी थी। उसके इंजन में कुछ खामी आ गई जिसके कारण वह जोधपुर से 120 किलोमीटर दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलट सुरक्षित बच गया है।'
वायुसेना ने आगे कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार जमीन पर जान/माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक कोर्ट ऑफ इनक्वायरी का आदेश दे दिया गया है। विमान अपने नियमित मिशन पर था।
सिरोही जिले के पुलिस अधीक्षक कल्याण मल मीणा ने बताया कि यह लड़ाकू विमान सिरोही जिले में गोडाना बांध के निकट शिवगंज पुलिस थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी कर ली है।
इससे पहले 8 मार्च को राजस्थान के ही बीकानेर में मिग-21 दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हालांकि पायलट विमान से सुरक्षित कूद गया था। घटना के बारे में सेना के प्रवक्ता सोंबित घोष ने बताया था कि लड़ाकू विमान मिग-21 बीकानेर के वायुसेना के नाल हवाई अड्डे से नियमित उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
सिंगल सीट का यह लड़ाकू विमान अधिकतम 2175 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से उड़ान भरता है और 16.8 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई तक जा सकता है। यह अधिकतम चार शक्तिशाली बम, रॉकेट और हवा में मार मरने वाली मिसाइल व गन ले जा सकता है।
साल 1963 के बाद से 1,200 से अधिक मिग लड़ाकू विमानों को भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया है। एक जनवरी, 2019 को लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना में अभी भी मिग के 31 लड़ाकू स्क्वाड्रन चालू हैं।