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Rajasthan: सत्यपाल मलिक बोले- मोदी बताएं कि अंबानी-अडानी कैसे हो रहे मालदार, किसान और सरकार में होगी लड़ाई

Mon, 13 Jun 2022 08:17 AM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

सत्यपाल मलिक ने कहा कि डरने की जरूरत नहीं है। अडानी का गोदाम उखाड़ फेंको। वहीं उन्होंने किसानों के हक के लिए चार महीने में मैदान में उतरने की बात कही है।
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक जयपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जाट पार्लियामेंट में हिस्सा लेने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपनी ही पार्टी की केंद्र सरकार पर जमकर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के एयरपोर्ट, रेलवे, शिपयार्ड सरकार के दोस्त अडानी को बेचे जा रहे हैं। हमें देश को बिकने से रोकना होगा। जब सब बर्बाद हो रहे हैं तो प्रधानमंत्री बताएं कि ये लोग कैसे मालदार हो रहे हैं।

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अडानी का गोदाम उखाड़ फेंको

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार उन्होंने अंबानी-अडानी को भी घेरा। उन्होंने कहा कि अडानी ने किसानों की फसल सस्ते दाम पर खरीदने और महंगे दामों पर बेचने के लिए पानीपत में बड़ा गोदाम बनाया है। अडानी का ऐसा गोदाम उखाड़ फेंको। डरने की जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ जेल चलूंगा। अडानी और अंबानी मालदार कैसे हो गए हैं, जब तक इन लोगों पर हमला नहीं होगा, तब तक ये लोग रुकेंगे नहीं।


एमएसपी पर कानून नहीं बनाया तो होगी लड़ाई

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किसान आंदोलन को लेकर प्रधानमंत्री को भी घेरा। उन्होंने कहा कि जब किसान आंदोलन में हमारे लोग सड़कों पर मरने लगे, तब मैं अपना इस्तीफा जेब में लेकर प्रधानमंत्री जी से मिलने गया। मैंने उन्हें समझाया कि इन लोगों के साथ ज्यादती हो रही है। कुछ ले-देकर इन्हें हटा दीजिए। उन्होंने कहा- किसना खुद चले जाएंगे। मैंने उनसे कहा आप इन्हें जानते नहीं। यह तब जाएंगे जब आप चले जाएंगे। तब वह नहीं माने। बाद में प्रधानमंत्री को समझ आया और उन्होंने माफी मांगी। कानून वापस ले लिए। अगर समय रहते एमएसपी पर कानून नहीं बनाया तो देश में किसानों और सरकार के बीच भयंकर लड़ाई होगी। मैं खुद अपना इस्तीफा जेब में लेकर घूमता हूं, 

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किसानों के लिए चार महीने में उतरुंगा मैदान में

उन्होंने यह भी कहा कि मेरे तो राज्यपाल के तौर पर चार महीने बचे हैं। जेब में इस्तीफा लेकर घूमता हूं, मां के पेट से गवर्नर बन कर नहीं आया था। इसलिए मैंने सोच रखा है कि रिटायर होने के बाद किसानों के हक के लिए पूरी ताकत से जुट जाऊंगा। मेरा दो कमरे का घर ही मेरी ताकत है, इसलिए किसी से भी पंगा ले लेता हूं। किसानों के लिए चार महीने में मैदान में उतर जाउंगा।

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